क्या एनसीआर में घना कोहरा, प्रदूषण और ठंड का कहर जारी है?

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क्या एनसीआर में घना कोहरा, प्रदूषण और ठंड का कहर जारी है?

सारांश

एनसीआर में घने कोहरे और प्रदूषण के कारण हालात बेहद चिंताजनक हैं। क्या प्रशासन इन समस्याओं का समाधान कर पाएगा? जानिए पूरी कहानी में।

Key Takeaways

  • घना कोहरा और प्रदूषण एनसीआर में गंभीर समस्या बन गए हैं।
  • वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) कई क्षेत्रों में 400 के पार पहुंच गया है।
  • प्रशासन ने ग्रेप-3 नियमों को लागू किया है।
  • आगामी दिनों में कोहरे की तीव्रता में कमी की संभावना है।
  • स्वास्थ्य के लिए सावधानी बरतना आवश्यक है।

नोएडा, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। शनिवार की सुबह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के निवासियों को एक बार फिर घने कोहरे का सामना करना पड़ा। स्थिति इतनी गंभीर थी कि कई क्षेत्रों में विजिबिलिटी लगभग शून्य तक पहुंच गई। सड़क पर चलना मुश्किल हो गया, जबकि वाहन चालकों को धीमी गति से यात्रा करनी पड़ी।

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, सुबह के समय घना कोहरा दर्ज किया गया और तापमान अधिकतम 22 डिग्री और न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस के करीब रहा। कोहरे के साथ-साथ प्रदूषण ने भी एनसीआर की समस्याओं को बढ़ा दिया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी), यूपीपीसीबी (यूपीपीसीबी) और आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, एनसीआर के विभिन्न क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) गंभीर स्तर पर पहुंच गया है।

नोएडा में, सेक्टर-125 में एक्यूआई 381, सेक्टर-62 में 361, सेक्टर-1 में 418 और सेक्टर-116 में 375 रिकॉर्ड किया गया। वहीं, गाजियाबाद में इंदिरापुरम का एक्यूआई 360, लोनी में 412, संजय नगर में 307 और वसुंधरा में 437 पाया गया।

दिल्ली में स्थिति और भी खराब है। आनंद विहार में एक्यूआई 450 तक पहुंच गया, जो बेहद चिंताजनक है। चांदनी चौक में 435, पटपड़गंज में 440, नेहरू नगर में 425, पंजाबी बाग में 399, नॉर्थ कैंपस डीयू में 400, रोहिणी में 396, आरके पुरम में 379, बवाना में 368, ओखला फेज-2 में 367, अलीपुर में 352, अशोक विहार में 391, आया नगर में 322, डीटीयू में 353 और सीआरआरआई मथुरा रोड पर 308 एक्यूआई दर्ज हुआ।

कई क्षेत्रों में एक्यूआई 400 के ऊपर पहुंचने के कारण हवा अत्यधिक जहरीली श्रेणी में है। प्रदूषण के बढ़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने एक बार फिर ग्रेप-3 के नियमों को सख्ती से लागू करना शुरू कर दिया है। निर्माण गतिविधियों पर रोक, डीजल वाहनों पर प्रतिबंध और औद्योगिक इकाइयों की निगरानी बढ़ा दी गई है।

प्रशासन का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि आने वाले दिनों में भी सुबह के समय कोहरा बना रह सकता है, हालांकि 18 और 19 जनवरी को कोहरे की तीव्रता में कुछ कमी आने की संभावना है। फिलहाल, एनसीआर की जनता कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और जहरीली हवा की दोहरी मार झेलने को मजबूर है।

Point of View

हमें हमेशा अपने नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की चिंता होती है। एनसीआर की स्थिति गंभीर है, और यह आवश्यक है कि हम पर्यावरण की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाएं।
NationPress
17/01/2026

Frequently Asked Questions

एनसीआर में प्रदूषण का मुख्य कारण क्या है?
एनसीआर में प्रदूषण का मुख्य कारण औद्योगिक उत्सर्जन, वाहनों का धुआं और निर्माण गतिविधियाँ हैं।
क्या कोहरा स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है?
हाँ, घना कोहरा और उच्च प्रदूषण स्तर स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं, जैसे श्वसन समस्याएँ।
सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने ग्रेप-3 नियमों को लागू किया है, जिसमें डीजल वाहनों पर प्रतिबंध और निर्माण गतिविधियों पर रोक शामिल है।
एक्यूआई 400 से अधिक होने पर क्या करना चाहिए?
एक्यूआई 400 से अधिक होने पर बाहर निकलने से बचें और मास्क पहनें।
क्या अगले दिनों में कोहरे की स्थिति में सुधार होगा?
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दिनों में कोहरे की तीव्रता में कमी आने की संभावना है।
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