एनसीआर में मौसम की बिगड़ती स्थिति: तेज़ हवाएं, बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हो सकता है नुकसान
सारांश
Key Takeaways
- एनसीआर में मौसम में अस्थिरता आई है।
- पश्चिमी विक्षोभ के कारण तेज़ हवाएं और बारिश हो रही हैं।
- किसानों की फसलों को नुकसान पहुँचने की आशंका है।
- वायु गुणवत्ता का स्तर मध्यम से खराब है।
- लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
नोएडा, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। एनसीआर में हाल के दिनों में मौसम का स्वरूप पूरी तरह से परिवर्तित हो गया है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण, इस क्षेत्र में लगातार बादल छाए हुए हैं, तेज़ हवाएं चल रही हैं, और कई स्थानों पर बारिश के साथ ओलावृष्टि भी देखने को मिली है।
मौसम विभाग के अनुसार, यह अस्थिर मौसम की स्थिति 8 अप्रैल तक बनी रह सकती है, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग के हालिया पूर्वानुमान के अनुसार, 4 अप्रैल को नोएडा क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
दिनभर आसमान में बादल रहने की संभावना है और बीच-बीच में बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की भी आशंका है। 5 और 6 अप्रैल को मौसम कुछ हद तक साफ रहने का अनुमान है, जहां तापमान 32 से 33 डिग्री तक पहुंच सकता है। लेकिन इसके बाद, 7 और 8 अप्रैल को फिर से आंशिक बादल छाने और बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
वहीं, वायु गुणवत्ता की स्थिति पर चर्चा करते हुए, एनसीआर में प्रदूषण का स्तर मध्यम से खराब श्रेणी में बना हुआ है। दिल्ली के आनंद विहार क्षेत्र में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 250 दर्ज किया गया, जो कि 'खराब' श्रेणी में आता है। अशोक विहार में एक्यूआई 180, बवाना में 143, चांदनी चौक में 156 और कैंटोनमेंट क्षेत्र में 193 दर्ज किया गया है। हालाँकि, कुछ क्षेत्रों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही, जैसे कि डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में एक्यूआई 73 दर्ज किया गया, जो कि 'संतोषजनक' श्रेणी में आता है।
नोएडा के विभिन्न सेक्टरों में भी वायु गुणवत्ता मध्यम से खराब स्तर पर बनी हुई है। सेक्टर-125 में एक्यूआई 195, सेक्टर-62 में 181, सेक्टर-1 में 208 और सेक्टर-116 में 199 दर्ज किया गया है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि मौसम में बदलाव के बावजूद प्रदूषण पूरी तरह से नियंत्रित नहीं हो पाया है। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ा है। गेहूं और सरसों की खड़ी फसलें तेज़ हवाओं और ओलों की मार से प्रभावित हुई हैं, जिससे उत्पादन में गिरावट की आशंका जताई जा रही है।
किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतें, अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और तेज़ हवाओं व बिजली गिरने की संभावना को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित स्थानों पर रहें।