क्या एएमएमके का एनडीए में शामिल होना विकास के लिए महत्वपूर्ण है?: अमित शाह
सारांश
Key Takeaways
- एएमएमके ने एनडीए में शामिल होकर राजनीतिक एकता का संकेत दिया है।
- अमित शाह ने इसे विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
- टीटीवी दिनाकरण का नेतृत्व तमिलनाडु में नया मोड़ ला सकता है।
नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु की अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) ने बुधवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में अपनी जगह बनाई है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पार्टी का स्वागत करते हुए इसे राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में एनडीए को समृद्ध तमिलनाडु के लिए मजबूत बताया। उन्होंने लिखा, "मैं टीटीवी दिनाकरन के नेतृत्व वाली अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम का एनडीए का हिस्सा बनने पर स्वागत करता हूं। तमिलनाडु के लोग डीएमके के भ्रष्ट और वंशवादी शासन से तंग आ चुके हैं और पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले एनडीए को विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार हैं।"
यह कदम एएमएमके के महासचिव टीटीवी दिनाकरण के नेतृत्व में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले विपक्षी एकता के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी ने एनडीए में शामिल होने की औपचारिक घोषणा की। इस अवसर पर एक उच्चस्तरीय बैठक और संयुक्त प्रेस वार्ता भी आयोजित की गई, जिसमें केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी शामिल रहे।
घोषणा के बाद, एआईएडीएमके के महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) ने टीटीवी दिनाकरण का सार्वजनिक रूप से स्वागत किया और इसे एनडीए में एकता का स्पष्ट संकेत बताया।
मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि एनडीए अब डीएमके सरकार को हराने के लिए नए संकल्प के साथ एकजुट हो रही है, जिसे उन्होंने भ्रष्ट और जनविरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि ईपीएस, पीएमके नेता अनबुमणि रामदास और तमिल माणिला कांग्रेस (मूपनार) के अध्यक्ष जीके वासन सहित गठबंधन के वरिष्ठ नेता राज्य की मौजूदा सरकार के खिलाफ मजबूत विकल्प देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस बीच, प्रेस वार्ता में टीटीवी दिनाकरण ने कहा कि उन्हें एनडीए में वापस आकर खुशी हो रही है और वह तमिलनाडु में गठबंधन को मजबूत करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में हम एक बार फिर एनडीए का हिस्सा बनने का निर्णय लिया है। पुराने मतभेदों को भुलाकर हमारा एकमात्र उद्देश्य डीएमके सरकार को सत्ता से हटाना है, जिसने तमिलनाडु की जनता को धोखा दिया है।"