क्या विजय देवरकोंडा ने निगेटिव पीआर और फेक रिव्यू से होने वाले दर्द का खुलासा किया?
सारांश
Key Takeaways
- विजय देवरकोंडा ने निगेटिव पीआर और फेक रिव्यू के बारे में गंभीरता से बात की।
- फिल्म 'डियर कॉमरेड' इस समस्या का शिकार हुई थी।
- सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर चर्चा बढ़ रही है।
- फिल्म 'मना शंकर वर प्रसाद गारू' 12 जनवरी को रिलीज हो रही है।
- फिल्म समीक्षाएं बैन करने से फिल्म की सफलता पर असर पड़ सकता है।
मुंबई, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हाल ही में 'किंगडम' में नजर आए साउथ फिल्म इंडस्ट्री के अभिनेता विजय देवरकोंडा अपनी फिल्मों और व्यक्तिगत जीवन को लेकर लगातार चर्चा में रहते हैं।
उनकी फिल्म 'किंगडम' ने बॉक्स ऑफिस पर साधारण प्रदर्शन किया। अब विजय देवरकोंडा ने फिल्म के रिलीज से पहले के निगेटिव पीआर और फेक रिव्यू पर खुलकर बात की है और बताया कि उनकी फिल्म 'डियर कॉमरेड' भी इसी का शिकार हुई थी।
अभिनेता ने मेगास्टार चिरंजीवी की आगामी तेलुगु फिल्म 'मना शंकर वर प्रसाद गारू' को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी खुशी और दुख का इजहार किया है। खुशी इस बात की है कि अब निर्माता और बड़े सितारे फेक रेटिंग रिव्यू को एक समस्या मान रहे हैं, जबकि दुख इस बात का है कि जब उन्होंने इस मुद्दे पर आवाज उठाई थी, तब किसी ने ध्यान नहीं दिया था।
उन्होंने लिखा, "यह देखकर खुशी और दुख दोनों हो रहे हैं। खुशी इस बात की है कि कई लोगों के कठिन परिश्रम, सपनों और धन की सुरक्षा हो रही है, लेकिन दुख इस बात का है कि हमारे अपने लोग इन समस्याओं की जड़ हैं। 'जियो और जीने दो' के सिद्धांत का क्या हुआ?"
अभिनेता ने आगे कहा, "'डियर कॉमरेड' के समय से ही मैंने संगठित हमलों की क्रूर राजनीति को देखा। इतने वर्षों तक मेरी आवाज अनसुनी रही। मुझे कहा गया कि कोई अच्छी फिल्म को रोक नहीं सकता। फिर मेरे साथ फिल्म बनाने वाले हर निर्माता और निर्देशक को जल्द ही इस समस्या की गंभीरता का एहसास हो जाता है। मैंने कई रातें इस बारे में सोचते हुए बिताई कि ऐसे लोगों से कैसे निपटा जाए ताकि मैं अपने सपनों और मेरे जैसे और कई लोगों के सपनों की रक्षा कर सकूं। मुझे खुशी है कि अब यह मामला सबके सामने आ गया है और अदालत ने भी इसे गंभीरता से लिया है।"
ज्ञात हो कि नयनतारा और चिरंजीवी की फिल्म 'मना शंकर वर प्रसाद गारू' 12 जनवरी को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने वाली है। फिल्म की अग्रिम बुकिंग शुरू हो चुकी है, लेकिन इसी बीच 'बुक माई शो' के इंटरफेस पर फिल्म की समीक्षाएं और रेटिंग को कोर्ट के आदेश के बाद बैन कर दिया गया है। फिल्म निर्माताओं का मानना है कि इससे फिल्म पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और लोग बिना फिल्म देखे नकारात्मक पीआर करते हैं।