नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 'मिस्टिक अबोर्ड' झोपड़ी: आध्यात्मिकता का नया प्रतीक
सारांश
Key Takeaways
- नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की 'मिस्टिक अबोर्ड' झोपड़ी आध्यात्मिकता का प्रतीक है।
- यह झोपड़ी 8,000 पीतल की घंटियों से बनी है।
- एयरपोर्ट की पहली चरण की यात्री क्षमता 12 मिलियन है।
ग्रेटर नोएडा, ७ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लंबे समय से प्रतीक्षित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब अपनी आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ एक अनोखी थीम आधारित डिजाइन के लिए भी चर्चित है। एयरपोर्ट के टर्मिनल-१ पर यात्रियों के लिए एक विशेष आकर्षण 'मिस्टिक अबोर्ड' के नाम से प्रस्तुत किया गया है। यह एक अद्वितीय झोपड़ी है, जिसे लगभग ८ हजार पीतल (ब्रास) की घंटियों से सजाया गया है। इसे आध्यात्मिकता और शांति का प्रतीक माना जा रहा है।
यह झोपड़ी बोर्डिंग गेट के निकट स्थित है और यात्रियों को एक सुखद अनुभव प्रदान करेगी। यात्री यहाँ आकर मस्तिष्क को शांति दे सकते हैं, और यह स्थान अब सेल्फी प्वाइंट के रूप में भी प्रसिद्ध हो रहा है। टर्मिनल-१ (टी १) का क्षेत्रफल १ लाख ३८ हजार वर्ग मीटर में फैला हुआ है।
इस पहले चरण में यहाँ १० एयरोब्रिज स्थापित किए गए हैं, जिससे यात्री सीधे विमान तक पहुँच सकेंगे। एप्रन क्षेत्र में एक साथ २८ विमानों के पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इस एयरपोर्ट की ऑपरेशन क्षमता अत्याधुनिक तकनीक से युक्त है, यहाँ हर २ मिनट में एक उड़ान टेकऑफ या लैंड कर सकेगी, यानी लगभग ६० मिनट में ३० उड़ानों का संचालन संभव होगा।
प्रारंभिक चरण में एयरपोर्ट की यात्री क्षमता १२ मिलियन (१.२ करोड़) रखी गई है, जिसे भविष्य में ३० मिलियन तक बढ़ाया जाएगा। हालाँकि, एयरपोर्ट के संचालन की शुरुआत अभी एयरपोर्ट सिक्योरिटी प्रोग्राम (एएसपी) की अंतिम मंजूरी पर निर्भर है। संबंधित संस्थाओं को प्रस्ताव भेजा जा चुका है और एरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद एएसपी के लिए आवेदन भी कर दिया गया है। जैसे ही मंजूरी मिलेगी, एयरलाइंस को स्लॉट आवंटित किए जाएंगे, और डीजीसीए द्वारा स्लॉट जारी किए जाएंगे, जिससे टिकटों की बिक्री प्रारंभ होगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर के दृष्टिकोण से यह एयरपोर्ट अत्यधिक मजबूत है। नॉर्थ रनवे की लंबाई ३९०० मीटर है, जबकि भविष्य में साउथ दिशा में ४१५० मीटर लंबी दूसरी हवाई पट्टी का निर्माण किया जाएगा। साथ ही टी१ के समानांतर टी२ टर्मिनल का भी निर्माण किया जाएगा, जिससे कुल टर्मिनल क्षेत्रफल लगभग ५ लाख वर्ग मीटर हो जाएगा। कार्गो सुविधाओं में भी यह एयरपोर्ट अग्रणी बनने की योजना बना रहा है। पहले चरण में ८० हजार वर्ग मीटर में निर्मित कार्गो टर्मिनल की क्षमता २.५ लाख टन होगी, जिसे बढ़ाकर १५ लाख टन तक किया जाएगा।
अतिरिक्त रूप से, प्रधानमंत्री द्वारा यहाँ ४० एकड़ में बनने वाले देश के पहले एमआरओ (मेंटिनेंस, रिपेयरिंग और ओवरहॉलिंग) केंद्र की आधारशिला भी रखी गई है। इसके शुरू होने के बाद विमानों की सर्विसिंग देश में ही संभव होगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आधुनिक सुविधाओं, आध्यात्मिक अनुभव और उच्च क्षमता के साथ देश के प्रमुख एविएशन हब के रूप में उभरने के लिए तैयार है।