क्या नोएडा में प्रेमी जोड़ों को ब्लैकमेल करने वाला गिरोह गिरफ्तार हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- नोएडा में तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
- गिरोह ने प्रेमी युगलों को निशाना बनाया।
- पुलिस ने 12 मोबाइल फोन बरामद किए।
- पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे बिना डर के संपर्क करें।
- गिरोह के अन्य सदस्यों की पड़ताल जारी है।
नोएडा, 22 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के नोएडा में पार्कों और सुनसान जगहों पर लोगों को निशाना बनाकर ब्लैकमेलिंग और लूटपाट करने वाले तीन शातिर अपराधियों को थाना सेक्टर-58 पुलिस ने गिरफ्तार किया है। नोएडा एडीसीपी शेव्या गोयल ने जानकारी दी कि आरोपी शहर के विभिन्न पार्कों में बैठे प्रेमी जोड़ों को अपना निशाना बनाते थे। ये लोग पहले चोरी-छिपे उनके मोबाइल फोन से तस्वीरें और वीडियो बनाते थे। इसके बाद खुद को किसी संगठन से जुड़ा हुआ या सामाजिक कार्यकर्ता बताकर कपल्स को धमकाते थे।
उन्होंने बताया कि ये लोग धमकी देते थे कि अगर इन्हें पैसे या मोबाइल फोन नहीं दिए गए, तो उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाएंगे। बदनामी के डर से कई लोग उनकी बात मान लेते थे और पैसे देकर वहां से चले जाते थे।
नोएडा एडीसीपी ने बताया कि आरोपी पार्कों के साथ ही देर रात या सुनसान इलाकों में अकेले घूम रहे लोगों को भी अपना शिकार बनाते थे। मौका देखकर ये लोग डराकर या धमकाकर राह चलते लोगों के मोबाइल फोन छीन लेते थे।
थाना सेक्टर-58 पुलिस को लगातार इस तरह की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया और सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 12 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जो अलग-अलग पीड़ितों से छीने गए थे। पूछताछ में आरोपियों ने अपने अपराध स्वीकार किए हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और क्या इस गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रितेश कुमार, गजेंद्र सोलंकी और पवन के रूप में हुई है।
फिलहाल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की विधिक कार्यवाही की जा रही है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई इस तरह की ब्लैकमेलिंग या लूटपाट का शिकार हुआ हो तो बिना डर के पुलिस से संपर्क करें। सूचना मिलने पर पुलिस कार्रवाई करेगी।