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क्या मुंबई ट्रैफिक पुलिस को धमकी भरा मैसेज भेजने वाला आरोपी नोएडा से गिरफ्तार हुआ?

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क्या मुंबई ट्रैफिक पुलिस को धमकी भरा मैसेज भेजने वाला आरोपी नोएडा से गिरफ्तार हुआ?

सारांश

मुंबई ट्रैफिक पुलिस को मिले धमकी भरे मैसेज ने सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मचाई। नोएडा से गिरफ्तार आरोपी अश्विनी ने दावा किया था कि लश्कर-ए-जिहादी के आतंकी मुंबई में बड़े धमाके की साजिश कर रहे हैं। जानिए इस घटना का पूरा विवरण।

मुख्य बातें

अश्विनी को मुंबई ट्रैफिक पुलिस को धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
नोएडा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और आरोपी को मुंबई पुलिस के हवाले किया।
धमकी भरे मैसेज में लश्कर-ए-जिहादी का उल्लेख किया गया था।
पुलिस ने जांच के बाद आरोपी को पकड़ने में सफलता पाई।

मुंबई, 6 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। मुंबई ट्रैफिक पुलिस के व्हाट्सएप नंबर पर आतंकी हमले की झूठी धमकी देने वाले आरोपी को नोएडा से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान अश्विनी के रूप में हुई है। नोएडा पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया है।

पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पहले ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर पर एक अज्ञात शख्स ने मैसेज भेजा था। इस मैसेज में दावा किया गया था कि लश्कर-ए-जिहादी के 14 आतंकी मुंबई में प्रवेश कर चुके हैं और 34 गाड़ियों में 400 किलो आरडीएक्स लगाकर बड़े धमाके की साजिश रच रहे हैं, जिससे बड़ी जनहानि हो सकती है।

धमकी भरे मैसेज के बाद मुंबई पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। तकनीकी जांच और साइबर ट्रैकिंग के जरिए संदिग्ध की जानकारी जुटाई गई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मुंबई पुलिस ने नोएडा पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद नोएडा पुलिस ने एक विशेष टीम बनाकर कार्रवाई की और आरोपी अश्विनी को गिरफ्तार कर लिया।

मुंबई ट्रैफिक पुलिस के व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर पर भेजे गए मैसेज में दावा किया गया था कि 34 गाड़ियों में बम लगाए गए हैं और 400 किलो आरडीएक्स के विस्फोट से पूरा मुंबई शहर हिल जाएगा। इस मैसेज में 'लश्कर-ए-जिहादी' नामक संगठन का उल्लेख करते हुए कहा गया था कि इस विस्फोट से 1 करोड़ लोगों की जान जा सकती है।

ऐसा पहली बार नहीं है जब इस तरह की धमकी दी गई है।

इससे पहले, 22 अगस्त को मुंबई के गिरगांव स्थित ईसकॉन मंदिर को एक धमकी भरा ईमेल मिला था। धमकी भरा ईमेल इस्कॉन मंदिर की आधिकारिक ईमेल आईडी पर आया था। सूचना के बाद मौके पर पुलिस और बम निरोधक टीम पहुंची और पूरे मंदिर परिसर की गहन जांच की गई। हालांकि, जांच के दौरान किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु या गतिविधि नहीं पाई गई थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं यह कह सकता हूँ कि इस तरह की धमकियाँ समाज में भय का माहौल पैदा करती हैं। हमें सतर्क रहना आवश्यक है और सुरक्षा बलों का समर्थन करना चाहिए। ऐसी घटनाएँ हमें यह याद दिलाती हैं कि हमें हमेशा सतर्क रहना चाहिए।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरोपी अश्विनी की गिरफ्तारी कब हुई?
आरोपी अश्विनी को 6 सितंबर को नोएडा से गिरफ्तार किया गया।
क्या धमकी भरा मैसेज सही था?
पुलिस ने इस मैसेज की सत्यता की जांच की, लेकिन अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।
इससे पहले कब ऐसी धमकी दी गई थी?
22 अगस्त को मुंबई के गिरगांव स्थित इस्कॉन मंदिर को भी एक धमकी भरा ईमेल मिला था।
राष्ट्र प्रेस
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