क्या नोएडा एसटीएफ ने अन्तरराज्यीय मादक पदार्थ तस्कर गैंग के 50 हजार के इनामी अपराधी यशपाल सिंह को मेरठ से गिरफ्तार किया?
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा, 4 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने मेरठ की स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर एक विशेष ऑपरेशन में मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल अन्तरराज्यीय गिरोह के एक प्रमुख सदस्य और गैंगस्टर एक्ट में वांछित 50,000 रुपए के इनामी अपराधी यशपाल सिंह को गिरफ्तार किया है। वह जनपद बांदा के थाना बबेरू में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मामले में लंबे समय से फरार था।
एसटीएफ नोएडा की टीम ने शुक्रवार को जानकारी दी कि उन्हें सूचना मिली थी कि वांछित अपराधी यशपाल सिंह चौक जेपी अस्पताल के पास रोहड़ा रोड, थाना कंकरखेड़ा, मेरठ में मौजूद है। इस सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से दबिश देकर उसे दोपहर 12:20 बजे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में यशपाल ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण उसने शुरुआत में ट्रकों पर हेल्पर और बाद में ड्राइवर के तौर पर काम किया। इसके बाद उसने लोन लेकर एक डीसीएम ट्रक खरीदा, लेकिन किस्त न चुका पाने के कारण वह अपराध की दुनिया में शामिल हो गया।
यशपाल की मुलाकात गाजियाबादरिंकू राठी से हुई, जो अवैध शराब और मादक पदार्थों की तस्करी करता था। लालच में आकर उसने रिंकू, बिल्लू उर्फ बीर सिंह, और हरियाणामनीष के साथ मिलकर हरियाणा और पंजाब से अवैध शराब बिहार और गुजरात पहुंचाना शुरू किया। वापसी में वह ओडिशा से गांजा लाकर एनसीआर और हरियाणा में सप्लाई करता था। वर्ष 2023 में वह और बिल्लू ओडिशा से गांजा लेकर आ रहे थे, जब बबेरू पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया।
इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया और यशपाल लगभग पांच महीने जेल में रहा। जेल से छूटने के बाद वह मेरठ में छिपकर रह रहा था। यशपाल के अन्य साथी रिंकू राठी और बिल्लू उर्फ बीर सिंह को पहले ही 1 जुलाई 2025 को एसटीएफ नोएडा द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है। गैंगस्टर एक्ट के इस प्रकरण में यशपाल पर भी 50,000 रुपए का इनाम घोषित किया गया था।