क्या ओडिशा में राष्ट्रीय युवा दिवस पर ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन आयोजित होगा?
सारांश
Key Takeaways
- राष्ट्रीय युवा दिवस 12 जनवरी को मनाया जाता है।
- सभी शैक्षणिक संस्थानों में सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ का गायन होगा।
- छात्र ‘आत्मनिर्भर भारत’ की शपथ लेंगे।
- राज्य-स्तरीय वंदे मातरम् प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
- स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी प्रेरणादायक हैं।
भुवनेश्वर, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर सोमवार को राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों (स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय) में सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन आयोजित किया जाएगा।
इस कार्यक्रम के दौरान छात्र ‘आत्मनिर्भर भारत स्वदेशी संकल्प’ की शपथ भी लेंगे। इस संदर्भ में ओडिशा के भाषा, साहित्य एवं संस्कृति विभाग ने स्कूल एवं जन शिक्षा विभाग और उच्च शिक्षा विभाग को निर्देश जारी किए हैं।
शैक्षणिक संस्थानों में सामूहिक गायन को सफल बनाने के लिए पहले से ही राज्य-स्तरीय ‘वंदे मातरम् प्रशिक्षण कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम के लिए राज्य के सभी जिलों को पांच जोनों में विभक्त किया गया था: जैपुर जोन (कोरापुट, मलकानगिरी, नबरंगपुर, रायगढ़ा, कालाहांडी और नुआपाड़ा), बरहामपुर जोन (गंजाम, गजपति, कंधमाल, बौध और नयागढ़), बालासोर जोन (बालासोर, मयूरभंज, भद्रक, क्योंझर और जाजपुर), संबलपुर जोन (संबलपुर, झारसुगुड़ा, सुंदरगढ़, देवगढ़, बरगढ़, बलांगीर और सुबर्णपुर) और भुवनेश्वर जोन (खोरधा, कटक, पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रापड़ा, ढेंकानाल और अंगुल)।
इस पहल के तहत जोन स्तर पर वंदे मातरम् प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इसके अलावा, जिले, नगर और ब्लॉक स्तर पर भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, ताकि पूरे राज्य में प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था। उनकी जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है।
उनके विचार, जो चरित्र, साहस और राष्ट्र निर्माण पर आधारित हैं, आज भी युवा भारतीयों को प्रेरित करते हैं। राष्ट्रीय युवा दिवस केवल एक स्मृति उत्सव नहीं है, बल्कि यह भारत के युवाओं की आकांक्षाओं, ऊर्जा और जिम्मेदारियों पर विचार करने का एक अवसर है।
इस मौके पर देशभर में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ओडिशा में भी इस अवसर पर विशेष आयोजन किए जा रहे हैं, जिसमें सभी शैक्षणिक संस्थानों में सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ का गायन होगा।