क्या पाकिस्तान का आर्थिक संकट और गहराएगा?

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क्या पाकिस्तान का आर्थिक संकट और गहराएगा?

सारांश

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था संकट में है। दिसंबर में निर्यात में 20.4% की गिरावट आई है, जो लगातार पांचवें महीने है। यह गिरावट संरचनात्मक कारणों से जुड़ी है, जो पाकिस्तान के आर्थिक भविष्य के लिए चिंता का विषय है।

Key Takeaways

  • निर्यात में 20.4% की गिरावट
  • पांच माह से निर्यात में कमी
  • आयात में वृद्धि
  • व्यापार घाटा 3.7 अरब डॉलर
  • संरचनात्मक समस्याएं

नई दिल्ली, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर संकट और गहरा होता जा रहा है। दिसंबर में देश के निर्यात में 20.4 प्रतिशत की तेज गिरावट दर्ज की गई है। यह लगातार पांचवां महीना है जब पाकिस्तान के विदेशी बाजारों में भेजे जाने वाले सामान में कमी आई है। स्थानीय मीडिया में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, यह गिरावट अस्थायी नहीं है, बल्कि संरचनात्मक कारणों से संबंधित है, जिसे अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

डॉन अखबार में प्रकाशित लेख में कहा गया है कि पाकिस्तान का कमजोर निर्यात प्रदर्शन हमेशा से उसके बाहरी क्षेत्र की स्थिरता में सबसे कमजोर कड़ी रहा है। हाल के वर्षों में यह समस्या और गंभीर हो गई है, क्योंकि विदेशी सरकारी और निजी फंडिंग के स्रोत सूखते जा रहे हैं, जिनके सहारे पिछली सरकारें भुगतान संतुलन की कमजोर स्थिति को संभालती रही थीं।

निर्यात में लगातार गिरावट से बाहरी क्षेत्र में सुधार की संभावनाओं पर खतरा बढ़ गया है। लेख में कहा गया है कि आयात में वृद्धि से पिछले दो वर्षों में मांग को दबाकर हासिल की गई उपलब्धियां कमजोर पड़ सकती हैं।

पिछले महीने चालू वित्त वर्ष में पहली बार आयात 6 अरब डॉलर के स्तर को पार कर गया। यह संकेत देता है कि व्यापार सामान्यीकरण और उदारीकरण की नीतियों के चलते आयात मांग उम्मीद से कहीं तेजी से बढ़ी है।

हालांकि, कुल आयात में 118 मिलियन डॉलर की वृद्धि आकार में बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन निर्यात में तेज गिरावट के साथ मिलकर इसने मासिक व्यापार घाटे को 25 प्रतिशत बढ़ाकर 3.7 अरब डॉलर कर दिया है। जुलाई-दिसंबर की छह माह की अवधि में 19.2 अरब डॉलर का व्यापार घाटा दर्ज किया गया, जो पिछले साल की तुलना में 35 प्रतिशत अधिक है।

लेख में कहा गया है कि स्टेट बैंक फिलहाल मजबूत रेमिटेंस और डॉलर खरीद के जरिए व्यापार घाटे को पाटने और विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने की कोशिश कर सकता है। लेकिन संरचनात्मक रूप से बढ़ते व्यापार घाटे को इस रणनीति से संभालना जोखिम भरा है, क्योंकि इससे बाहरी खाता भू-राजनीतिक झटकों और विदेशों में श्रम बाजार में बदलाव के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है।

इसके अलावा, लगातार हस्तक्षेप कर भंडार बढ़ाने से घरेलू तरलता सख्त होती है और विनिमय दर पर दबाव बढ़ता है। निर्यात में गिरावट केवल बाहरी क्षेत्र की स्थिरता के लिए ही खतरा नहीं है, बल्कि यह नीति निर्माताओं को एक और भुगतान संतुलन संकट से बचने के लिए आर्थिक वृद्धि को दबाने पर मजबूर करती है।

लेख के अनुसार, ताजा व्यापार आंकड़े यह साफ तौर पर दिखाते हैं कि स्थिरीकरण और दीर्घकालिक टिकाऊपन के बीच एक गंभीर अंतर बना हुआ है।

Point of View

मैं मानता हूं कि पाकिस्तान की वर्तमान आर्थिक स्थिति न केवल उनके लिए, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण है। निर्यात में गिरावट और बढ़ते व्यापार घाटे की प्रवृत्ति चिंता का विषय है। नीति निर्माताओं को इस संकट से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
NationPress
15/01/2026

Frequently Asked Questions

पाकिस्तान के निर्यात में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
मुख्य कारण संरचनात्मक समस्याएं हैं, जो लंबे समय से अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं।
क्या निर्यात में गिरावट का असर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा?
हां, निर्यात में गिरावट से व्यापार घाटा बढ़ता है, जो अर्थव्यवस्था के स्थायित्व को प्रभावित कर सकता है।
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