क्या झारखंड के पलामू में सुपारी किलिंग की साजिश को पुलिस ने नाकाम किया?
सारांश
Key Takeaways
- पुलिस ने सुपारी किलिंग की साजिश को नाकाम किया।
- चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
- गिरफ्तारी के दौरान हथियार बरामद किए गए।
- शिक्षक पर हत्या की योजना बनाने का आरोप।
- पुलिस की कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा का संदेश।
पलामू, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के पलामू जिले की पुलिस ने सुपारी किलिंग की एक साजिश को सफलतापूर्वक विफल करते हुए एक स्कूली शिक्षक समेत चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार शिक्षक एक रसोइया के पति की हत्या करवाने की योजना बना रहा था।
पलामू की एसपी रिष्मा रमेशन ने कहा कि छतरपुर थाना क्षेत्र के सिलदिली कुंडौली निवासी शिक्षक सत्यदेव विश्वकर्मा पर आरोप है कि वह स्कूल की रसोइया पर अनैतिक संबंध बनाने का दबाव डाल रहा था। जब रसोइया ने यह बात अपने पति को बताई, तो दोनों पक्षों में बहस हुई। इसके बाद शिक्षक ने रसोइया के पति की हत्या की योजना बनाई और सुपारी के रूप में अपराधियों को 40 हजार रुपए की पेशकश की।
सत्यदेव विश्वकर्मा ने हत्या को अंजाम देने के लिए राजवंश परहिया, राजू साव और मंटू कुमार परहिया को साथ लिया। पुलिस ने जानकारी मिलते ही चारों को उस समय गिरफ्तार किया, जब वे हत्या की तैयारी कर रहे थे। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने इनके पास से एक देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और दो चाकू बरामद किए।
पुलिस ने बताया कि योजना के तहत शूटर राजवंश परहिया को गोली चलाने की जिम्मेदारी दी गई थी, जबकि अन्य आरोपी चाकू से हमला करने वाले थे। एसपी ने यह भी बताया कि सत्यदेव विश्वकर्मा खुद को डॉक्टर बताकर इलाज करता था और इसी दौरान उसकी पहचान शूटर राजवंश परहिया से हुई थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि राजवंश परहिया पहले भी डकैती के मामले में जेल जा चुका है। पूरे मामले का खुलासा छतरपुर एसडीपीओ अवध कुमार यादव के नेतृत्व में हुआ। कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रशांत प्रसाद, एसआई सुशील उरांव, अनिल कुमार रजक, राहुल कुमार समेत कई अधिकारी शामिल थे।