जगतगुरु स्वामी सतीश चंद्र महाराज बोले: पारिवारिक रिश्ते बचाने को चाहिए कम से कम 4 बच्चे
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सारांश
संभल के जगतगुरु स्वामी सतीश चंद्र महाराज ने पारिवारिक रिश्ते बचाने के लिए कम से कम 4 बच्चों की अपील की। उन्होंने कहा कि बड़ा परिवार सामाजिक और धार्मिक संतुलन के लिए ज़रूरी है, साथ ही नारी शक्ति वंदन अधिनियम का पुरज़ोर समर्थन किया।
Key Takeaways
- जगतगुरु स्वामी सतीश चंद्र महाराज ने 28 अप्रैल को राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कम से कम 4 बच्चे होने की अपील की।
- उनके अनुसार छोटे परिवारों से चाचा-ताऊ, बुआ-मौसी जैसे पारंपरिक रिश्ते समाप्त होने का खतरा है।
- उन्होंने कहा कि बड़े परिवार से ही भविष्य में सैन्य अधिकारी, शिक्षक और पुरोहित मिलेंगे।
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन करते हुए कहा कि महिलाओं के बिना विश्व की प्रगति संभव नहीं।
- आलोचकों पर पलटवार करते हुए कहा कि विरोध करने वाले विषय की गहराई को नहीं समझते।
संभल में जगतगुरु स्वामी सतीश चंद्र महाराज ने मंगलवार, 28 अप्रैल को राष्ट्र प्रेस के साथ विशेष बातचीत में जनसंख्या, पारिवारिक रिश्तों और महिला सशक्तिकरण जैसे संवेदनशील विषयों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने समाज से अपील की कि वह सकारात्मक राजनीति को अपनाते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाए।
चार बच्चों की अपील और पारिवारिक रिश्तों की चिंता
स्वामी सतीश चंद्र महाराज ने छोटे होते परिवारों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि यदि परिवारों में बच्चों की संख्या इसी तरह घटती रही, तो पारंपरिक सामाजिक संबंध धीरे-धीरे विलुप्त हो जाएंगे। उन्होंने कहा,
Point of View
लेकिन यह आर्थिक वास्तविकताओं — जैसे बेरोज़गारी, शिक्षा की लागत और महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य — को नज़रअंदाज़ करता है। उल्लेखनीय है कि एक ओर वे महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं, दूसरी ओर अधिक बच्चों की अपील करते हैं — यह विरोधाभास मुख्यधारा की कवरेज में प्रायः अनदेखा रह जाता है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के आँकड़े बताते हैं कि भारत की कुल प्रजनन दर पहले ही प्रतिस्थापन स्तर से नीचे आ चुकी है, जो इस बहस को और जटिल बनाता है।
NationPress
29/04/2026
Frequently Asked Questions
जगतगुरु स्वामी सतीश चंद्र महाराज ने 4 बच्चों की अपील क्यों की?
उनका तर्क है कि यदि परिवार में कम से कम 4 बच्चे नहीं होंगे, तो चाचा-ताऊ और बुआ-मौसी जैसे पारंपरिक रिश्ते आने वाली पीढ़ियों में समाप्त हो जाएंगे। उनके अनुसार बड़ा परिवार सामाजिक सुरक्षा और धार्मिक संतुलन के लिए अनिवार्य है।
स्वामी सतीश चंद्र महाराज ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर क्या कहा?
उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का पुरज़ोर समर्थन किया और कहा कि महिलाओं के बिना विश्व की प्रगति संभव नहीं है। उनके अनुसार माताओं और बेटियों को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए।
उन्होंने आलोचकों को क्या जवाब दिया?
महाराज ने कहा कि शिक्षित और अच्छे मानस वाले व्यक्ति सकारात्मक विचारों का स्वागत करते हैं। जो बिना समझे विरोध करते हैं, वे विषय की गहराई को नहीं जानते।
स्वामी सतीश चंद्र महाराज ने सेना और धर्म को जनसंख्या से कैसे जोड़ा?
उन्होंने कहा कि यदि हर कोई छोटे परिवार तक सीमित रहेगा, तो भविष्य में समाज को सैन्य अधिकारी, शिक्षक और पुरोहित नहीं मिलेंगे। उनके अनुसार बहु-संतान परंपरा सामाजिक और धार्मिक संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
यह बयान किस संदर्भ में दिया गया?
यह बयान 28 अप्रैल को संभल में राष्ट्र प्रेस के साथ विशेष बातचीत के दौरान दिया गया। महाराज ने समाज को अपनी जड़ों की ओर लौटने और राष्ट्रहित में पारिवारिक इकाई को मज़बूत करने का संदेश दिया।