क्या पश्चिम बंगाल लॉ कॉलेज दुष्कर्म मामले पर कल्याण बनर्जी का बयान इंसानियत को दर्शाता है?
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता, 28 जून (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के नेता दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल के लॉ कॉलेज में एक छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म की घटना पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद कल्याण बनर्जी के बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि कल्याण बनर्जी की इंसानियत का अब कोई अस्तित्व नहीं रहा है। वह एक वरिष्ठ अधिवक्ता हैं, लेकिन इस तरह का बयान देना सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है।
दिलीप घोष ने चेतावनी दी कि आज की तारीख में राज्य में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, जबकि आपकी सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने पूछा, "कब तक महिलाओं के साथ ज्यादती होती रहेगी और आपकी सरकार कुछ नहीं करेगी? लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ दुष्कर्म हुआ, यह सब क्या चल रहा है? क्या कल्याण बनर्जी इस तरह का विवादित बयान दे सकते हैं? क्या उनकी पार्टी में महिलाओं के मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं होती?"
उन्होंने कहा, "कल्याण बनर्जी को इस तरह के बयानों के लिए जिम्मेदारी लेनी चाहिए। अगर उनमें थोड़ी हिम्मत है, तो महिलाओं का नेतृत्व करें और उनके हक में अपनी आवाज उठाएं। उनकी पार्टी में तो महिला मोर्चा भी है। मेरा सीधा सवाल है कि उनकी पार्टी का महिला मोर्चा क्या कर रहा है?"
बताया जा रहा है कि इस दुष्कर्म की घटना में एक आरोपी टीएमसी से जुड़ा है। भाजपा इस पर हमला कर रही है, जबकि टीएमसी ने इससे इनकार कर दिया है कि आरोपी पार्टी का सक्रिय सदस्य है।
दिलीप घोष ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी एक अलग विषय है, लेकिन यह स्पष्ट है कि टीएमसी में ऐसे कई लोग हैं जिनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐसे कई दरिंदे टीएमसी में हैं, जिन्होंने कॉलेज के महत्वपूर्ण पदों पर कब्जा जमा रखा है और राजनीतिक संरक्षण के कारण यह लोग बच निकलने में सफल रहते हैं।
ज्ञात हो कि टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने शुक्रवार को लॉ कॉलेज में दुष्कर्म की घटना पर विवादास्पद टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि "यदि एक दोस्त अपने दूसरे दोस्त के साथ दुष्कर्म करता है, तो क्या किया जा सकता है?" जब विवाद बढ़ा, तो उन्होंने सफाई दी कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।