क्या पश्चिम बंगाल में हिंदुओं की स्थिति दयनीय है? - आशिम कुमार घोष
सारांश
Key Takeaways
- पश्चिम बंगाल में हिंदुओं की स्थिति गंभीर है।
- सरकार की असफलता पर चिंता व्यक्त की गई है।
- सभी समुदायों को एकजुट होने की आवश्यकता है।
- प्राचीन संस्कृति की बहाली की आवश्यकता है।
- भविष्य में स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
कोलकाता, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा के राज्यपाल आशिम कुमार घोष ने पश्चिम बंगाल में हिंदुओं की दुखद स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए वहाँ की सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में स्थिति इतनी सुरक्षित नहीं है, बल्कि यह कहना ज्यादा उचित होगा कि वर्तमान नेतृत्व राज्य में हिंदू समुदाय के लोगों को एक रक्षात्मक माहौल प्रदान करने में पूरी तरह असमर्थ है।
आशिम कुमार घोष ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आज की तारीख में पश्चिम बंगाल में हिंदुओं की जो स्थिति है, अगर सरकार ने समय पर उचित कदम उठाए होते तो परिस्थितियाँ इतनी ख़राब नहीं होतीं।
उन्होंने आध्यात्मिक गुरु राम कृष्ण देव स्वामी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने मानवता को एक स्थायी मूल्य प्रदान किया है, जिसने मानवता को एक सही दिशा दी है।
आशिम कुमार घोष ने पश्चिम बंगाल में हिंदुओं की दुखद स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य के सभी लोगों को एकजुट होकर इस स्थिति का सामना करना होगा। हमें विश्वास है कि हम इस दिशा में आज नहीं तो कल अवश्य सफल होंगे। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि हमें इस अंधकार का सामना करने के लिए साहस दें।
राज्यपाल ने कहा कि हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वह आने वाले दिनों में ऐसी परिस्थितियाँ उत्पन्न करें ताकि सभी समुदाय यहाँ सुरक्षित वातावरण महसूस कर सकें। हमें विश्वास है कि भविष्य में स्थिति बेहतर होगी। इस दिशा में पूरा तंत्र सक्रिय है।
इसके अलावा, उन्होंने पश्चिम बंगाल में प्राचीन संस्कृति को फिर से बहाल करने की बात कही। उन्होंने कहा कि हमें अपनी प्राचीन संस्कृति को पुनर्स्थापित करना होगा, जिसमें हमेशा से रचनात्मकता पर जोर दिया गया है। इससे हमारी संस्कृति को नया जीवन मिलेगा। इसलिए, इसे प्राथमिकता में रखना आवश्यक है।