क्या राहुल गांधी की भगवान राम से तुलना सही है? भाजपा नेताओं ने नाना पटोले को बताया 'चापलूस'
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी की भगवान राम से तुलना ने राजनीतिक विवाद पैदा किया है।
- भाजपा नेताओं ने इसे चापलूसी करार दिया है।
- अयोध्या में राम मंदिर की बात भी उठी है।
- कांग्रेस के नेताओं ने इस मुद्दे पर भक्ति और आस्था का प्रश्न उठाया है।
- राजनीतिक बयानों का वास्तविक उद्देश्य हमेशा स्पष्ट नहीं होता।
मुंबई, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राहुल गांधी की भगवान राम से तुलना करने पर कांग्रेस नेता नाना पटोले को कड़ा जवाब दिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि इस तरह के बयान कांग्रेसियों की चापलूसी को दर्शाते हैं।
भाजपा नेता किरीट सोमैया ने कांग्रेस को 'रावण की पार्टी' करार दिया और कहा कि उनके नेता अब राम की शरण में जाने लगे हैं। उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "अगर कांग्रेस राहुल गांधी को राम बता रही है, तो उम्मीद है कि वह अयोध्या में राम मंदिर जाकर आशीर्वाद लेंगे और 'जी राम जी' योजना का गुणगान करेंगे।"
नाना पटोले के बयान पर विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "नाना पटोले का बयान गलत है। ऐसे बयान केवल सुर्खियों में रहने के लिए दिए जाते हैं। मेरा मानना है कि इन्हें पूरी तरह नजरअंदाज किया जाना चाहिए।"
भाजपा एमएलसी श्रीकांत तारा पंडित ने कहा, "राहुल गांधी इस तरह के नेता नहीं हैं कि देश की राजनीति में उनकी किसी से तुलना की जाए। कांग्रेस ने राहुल गांधी को राजनीति में कबड्डी और खो-खो खेलने के लिए भेजा है। वह एक विफल नेता हैं। कांग्रेस के सभी नेता गांधी परिवार की दहलीज पर मत्था टेकते हुए थम चुके हैं, लेकिन फिर भी पार्टी उन्हें (राहुल गांधी) छोड़ने के लिए तैयार नहीं है।"
नाना पटोले के बयान को लेकर शिवसेना नेता शाइना एनसी ने कहा, "जिस कांग्रेस पार्टी को आस्था, भक्ति, संस्कृति और सभ्यता में विश्वास नहीं है, उस पार्टी के नेता राहुल गांधी की भगवान राम से तुलना की जाती है। कांग्रेस को अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया गया है, लेकिन राहुल गांधी वहां नहीं गए। ऐसे में राहुल गांधी की राम से तुलना करने जैसे बयान कांग्रेस नेताओं की चापलूसी को दर्शाते हैं।"
इससे पहले, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने नाना पटोले के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, "ये लोग कभी राहुल गांधी को 'जन नायक' कहते हैं, जिससे कर्पूरी ठाकुर का अपमान होता है। कभी दावा करते हैं कि क्रिसमस सोनिया गांधी की वजह से होता है। अब भगवान राम से राहुल गांधी की तुलना की जा रही है। याद रखना चाहिए कि यह वही लोग हैं, जिन्होंने भगवान राम को काल्पनिक कहा और प्राण प्रतिष्ठा को नाच गाना बताया था।"