क्या बांग्लादेश नाजुक मोड़ की ओर बढ़ रहा है? अधीर रंजन चौधरी का बयान
सारांश
Key Takeaways
- बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार बढ़ रहे हैं।
- अधीर रंजन चौधरी ने इस पर चिंता जताई है।
- भारत सरकार को लोगों के गुस्से को समझना चाहिए।
- भड़काऊ बयानबाजी स्थिति को और बिगाड़ रही है।
- हिंदू धर्म की असली व्याख्या पर ध्यान देने की जरूरत है।
नई दिल्ली, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के संदर्भ में अपनी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि बांग्लादेश एक नाजुक मोड़ की ओर अग्रसर है। भारत सरकार बांग्लादेश के आम लोगों के गुस्से और नाराजगी को समझने में असफल रही है।
अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि वर्तमान सरकार हर मुद्दे पर लोगों की भावनाओं को भड़काने का काम कर रही है। वे लोगों को यह कहकर भड़का रहे हैं कि भारत उनका दुश्मन है, जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले बढ़ गए हैं।
आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत के हिंदू राष्ट्र संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अधीर रंजन चौधरी ने कहा, "कुछ लोग मानते हैं कि भारत केवल हिंदुओं का देश है। लेकिन हमारा कहना है कि भारत सबका है। तो यह 'सिर्फ हिंदुओं' वाले भारत का विचार कहां से आता है, यह समझ से परे है। मोहन भागवत और अन्य को पहले यह समझना चाहिए कि हिंदू धर्म का असली अर्थ क्या है। उन्हें स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं का अध्ययन करना चाहिए। स्वामी विवेकानंद ने 1893 में अमेरिका में अपने भाषण के जरिए दुनिया को बताया कि हिंदू धर्म वास्तव में क्या है।"
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी द्वारा चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों पर अधीर रंजन चौधरी ने कहा, "पर्दे के पीछे क्या चल रहा है, यह किसी को नहीं पता। ये आंतरिक मामले हैं। बंगाल में सबसे बड़ा मुद्दा केवल वोटों की चोरी नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर डराना और धमकाना है। लोग नॉमिनेशन फाइल करने के लिए भी स्वतंत्र नहीं हैं। अगर नॉमिनेशन स्वीकार नहीं होते हैं, तो चुनाव कैसे होंगे? ये लोग धांधली करते हैं, वोटरों को वोट डालने से रोकते हैं, उन्हें डराते हैं और प्रॉक्सी वोटिंग करते हैं। मैं जल्द ही इन मुद्दों को चुनाव आयोग के सामने उठाऊंगा और बताऊंगा कि बंगाल में चुनाव कराने के लिए क्या कदम उठाने जरूरी हैं।"