क्या बिहार में एसआईआर पूरी तरह पारदर्शी है? विपक्ष फैला रहा भ्रम: संजय सरावगी

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क्या बिहार में एसआईआर पूरी तरह पारदर्शी है? विपक्ष फैला रहा भ्रम: संजय सरावगी

सारांश

बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने भारत की आर्थिक प्रगति, एसआईआर की पारदर्शिता और एनडीए के भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को उत्तर देते हुए कहा कि बिहार में प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता से हुई है। क्या यह सच है?

Key Takeaways

  • भारत
  • एसआईआर की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की गई है।
  • विपक्ष का भ्रम फैलाना जारी है।
  • एनडीए ने विकास और सुशासन पर ध्यान केंद्रित किया है।
  • कांग्रेस की राजनीति एक परिवार तक सीमित रह गई है।

पटना, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भारत के चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने, मंत्रियों द्वारा संपत्ति विवरण सार्वजनिक करने, राहुल गांधी की राजनीति, वर्ष 2025 के राजनीतिक परिप्रेक्ष्य और नए साल के लिए एनडीए के रोडमैप पर अपनी राय रखी।

उन्होंने कहा कि इस समय जब पूरी दुनिया आर्थिक मंदी का सामना कर रही है, भारत का तेजी से आगे बढ़ना हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है।

संजय सरावगी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जापान को पीछे छोड़कर भारत का चौथी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनना इस बात का सबूत है कि देश सही दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिस सपने को देश ने देखा है, वह जल्दी ही साकार होगा और भारत आने वाले समय में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा।

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष बेवजह प्रश्न उठा रहा है। बिहार में एसआईआर की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ हुई है और किसी भी मतदाता ने यह शिकायत नहीं की कि उसका नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से हटाया गया। इसके बावजूद कुछ दल भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी पूछा कि विपक्ष वास्तव में क्या चाहता है? क्या वह चाहता है कि बांग्लादेशी घुसपैठिए, रोहिंग्या या अवैध रूप से आए लोग चुनाव में मतदान करें?

उन्होंने कहा कि बिहार में एसआईआर के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि प्रक्रिया निष्पक्ष है। जो लोग स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जिनके नाम डुप्लीकेट थे, उन्हें सूची से हटाया गया। आम जनता यह स्थिति देख रही है और समझ रही है कि विपक्ष किस प्रकार की राजनीति करना चाहता है।

संजय सरावगी ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की जनता भी इन सच्चाइयों को देख रही है और आने वाले समय में वहां भी विपक्ष को इसका जवाब मिलेगा।

मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा संपत्ति विवरण सार्वजनिक करने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि बिहार में सुशासन की परंपरा हमेशा से रही है। हर साल मंत्री, विधायक और अधिकारी अपनी संपत्ति का विवरण सार्वजनिक करते हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दे रखा है कि पारदर्शिता में कोई समझौता नहीं होगा। हाल ही में सभी मंत्रियों और स्वयं मुख्यमंत्री ने भी अपनी संपत्ति का विवरण सार्वजनिक किया, जो सुशासन और आर्थिक शुचिता का उदाहरण है।

कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सरावगी ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति अब केवल एक परिवार के इर्द-गिर्द सीमित रह गई है। यही कारण है कि देश में इसकी लगातार दुर्गति हो रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने कभी भगवान श्रीराम जैसे मर्यादा पुरुषोत्तम पर भी सवाल उठाए, जिससे उनकी सोच और मंशा जनता के सामने स्पष्ट हो गई है।

नए साल के लिए एनडीए के रोडमैप पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि 2026 और इसके बाद का समय विकास, सुशासन और पारदर्शिता का होगा। एनडीए सरकार जनता के विश्वास पर खरी उतरते हुए देश को आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास करती रहेगी।

Point of View

बल्कि पूरे देश की राजनीति और आर्थिक स्थिति से जुड़ा हुआ है।
NationPress
01/01/2026

Frequently Asked Questions

बिहार में एसआईआर की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी है?
संजय सरावगी के अनुसार, बिहार में एसआईआर की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई है और किसी भी मतदाता ने इसके खिलाफ कोई शिकायत नहीं की।
भारत की आर्थिक स्थिति क्या है?
भारत अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है, जो प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व का परिणाम है।
एनडीए का नया रोडमैप क्या है?
2026 और इसके बाद का समय विकास, सुशासन और पारदर्शिता का होगा।
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