क्या गुवाहाटी-हावड़ा रूट पर देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन जल्द दौड़ेगी, पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी?
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन
- गुवाहाटी और हावड़ा के बीच यात्रा की नई शुरुआत
- किफायती किराया, जो हवाई यात्रा से सस्ता
- 16 कोचों के साथ 823 यात्रियों की क्षमता
- 180 किमी प्रति घंटा की अधिकतम गति
नई दिल्ली, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय रेलवे नए वर्ष पर यात्रियों के लिए एक महत्वाकांक्षी उपहार लेकर आ रहा है। जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह अत्याधुनिक ट्रेन पश्चिम बंगाल के हावड़ा (कोलकाता) और असम के गुवाहाटी के बीच संचालित की जाएगी।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि गुवाहाटी-हावड़ा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया हवाई यात्रा की तुलना में काफी किफायती होगा। इस रूट पर हवाई यात्रा का किराया सामान्यतः 6,000 से 8,000 रुपए तक होता है, जबकि वंदे भारत स्लीपर में थर्ड एसी का किराया भोजन सहित लगभग 2,300 रुपए, सेकंड एसी लगभग 3,000 रुपए और फर्स्ट एसी करीब 3,600 रुपए निर्धारित किया गया है। ये दरें विशेष रूप से मध्यम वर्ग के यात्रियों को ध्यान में रखकर तय की गई हैं।
रेल मंत्री ने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस की चेयर कार ने देशभर में यात्रियों का विश्वास अर्जित किया है और अब हर राज्य से वंदे भारत ट्रेनों की मांग उठ रही है। उन्होंने कहा कि इसी स्तर की सुविधा, सुरक्षा और आधुनिक मानकों के साथ वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के द्वारा अब आरामदायक रात्रिकालीन यात्रा की नई शुरुआत होने जा रही है।
अश्विनी वैष्णव के अनुसार, यह सेवा अगले 15 से 20 दिनों में, संभवतः 18 या 19 जनवरी के आसपास शुरू की जा सकती है। प्रधानमंत्री से इस संदर्भ में अनुरोध किया जा चुका है और औपचारिक तारीख की घोषणा जल्दी की जाएगी। वंदे भारत स्लीपर का पहला ट्रेनसेट पूरी तरह तैयार है और सफल ट्रायल के बाद इसे यात्रियों के लिए उपलब्ध कराने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे। इनमें 11 एसी थ्री-टियर, 4 एसी टू-टियर और 1 एसी फर्स्ट क्लास कोच शामिल होगा। इस ट्रेन में एक बार में 823 यात्री यात्रा कर सकेंगे। यह रूट पूर्वोत्तर भारत को देश के अन्य हिस्सों से बेहतर रेलवे कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की डिजाइन स्पीड 180 किमी प्रति घंटा रखी गई है। हाल ही में कोटा-नागदा सेक्शन पर इसके उच्च गति परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न किए गए। परीक्षण के दौरान ट्रेन ने 180 किमी प्रति घंटे की गति प्राप्त की। खास बात यह रही कि ‘वॉटर टेस्ट’ में इतनी तेज गति पर भी पानी से भरे गिलास स्थिर रहे, जिससे ट्रेन की बेहतरीन स्थिरता और उन्नत तकनीक सिद्ध हुई।
रेल मंत्री ने बताया कि अगले छह महीनों में 8 और वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू की जाएंगी। इस प्रकार, साल 2026 के अंत तक इनकी संख्या 12 हो जाएगी। भविष्य में भारतीय रेलवे देशभर में 200 से अधिक वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का परिचालन करने की योजना बना रहा है, जिससे लंबी दूरी की रेल यात्रा का चेहरा पूरी तरह से बदल जाएगा।