क्या पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड में रोहिणी आचार्य ने सही सवाल उठाए हैं?
सारांश
Key Takeaways
- शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड ने बिहार में राजनीतिक हलचल पैदा की है।
- रोहिणी आचार्य ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
- पुलिस जांच में पारदर्शिता की कमी है।
- पीड़िता के परिवार ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
पटना, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की राजधानी पटना में एक नीट छात्रा की संदिग्ध मृत्यु के बाद से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राजद सुप्रीमो लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने मंगलवार को इस मामले में नीतीश सरकार पर खुलकर हमला बोला।
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, "दिशाहीन जांच, भटकाने की कोशिश! बिहार के लोगों में यह धारणा बन रही है कि 'शम्भू गर्ल्स हॉस्टल कांड में पुलिस जांच से किसी को कोई उम्मीद नहीं होनी चाहिए।' ऐसा होने के पीछे कई कारण हैं।" घटना के लगभग एक पखवाड़े बाद भी, उपलब्ध साक्ष्यों और पोस्टमॉर्टेम रिपोर्ट के बाद भी पुलिस द्वारा नई भ्रमित करने वाली थ्योरी पेश की जा रही है।
आचार्य ने आगे कहा, "हॉस्टल संचालकों, सहज सर्जरी नर्सिंग होम, प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल और वहाँ के डॉक्टर सतीश पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी पर सरकार की एसआईटी मौन है। मुख्यमंत्री और गृह मंत्री का रवैया भी सवाल उठाता है।"
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा लगता है कि बिहार सरकार और पुलिस जानबूझकर मामले को ठंडा करने और आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
ज्ञात हो कि पटना के चित्रगुप्त नगर में शंभू गर्ल्स हॉस्टल में एक छात्रा, जो नीट की तैयारी कर रही थी, अपने कमरे में बेहोश पाई गई थी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ 11 जनवरी को उसकी मृत्यु हो गई। पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया कि उसके साथ यौन उत्पीड़न हुआ था।