क्या दावोस 2026 में डोनाल्ड ट्रंप से मिलेंगे शीर्ष भारतीय सीईओ?

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क्या दावोस 2026 में डोनाल्ड ट्रंप से मिलेंगे शीर्ष भारतीय सीईओ?

सारांश

दावोस 2026 में भारतीय सीईओ और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात से भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में नए अध्याय की शुरुआत हो सकती है। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान व्यापार समझौते की संभावनाएं और दुनिया भर के निवेशकों का ध्यान आकर्षित करने की उम्मीद है।

Key Takeaways

  • दावोस 2026 में भारतीय सीईओ और डोनाल्ड ट्रंप की बैठक महत्वपूर्ण है।
  • भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में सुधार की संभावना है।
  • लगभग 1,700 बिजनेस लीडर्स इस सम्मेलन में भाग लेंगे।
  • भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की अपील की गई है।

नई दिल्ली, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कुछ प्रमुख भारतीय सीईओ उस 146 वैश्विक कॉरपोरेट नेताओं के समूह का हिस्सा होंगे, जो वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) दावोस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बुधवार को मुलाकात करेंगे।

एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट के अनुसार, इन विशेष सीईओ में टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन, विप्रो के सीईओ श्रीनि पालिया, भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक सुनिल भारती मित्तल और इन्फोसिस के सीईओ सलिल पारेख शामिल हैं।

यह महत्वपूर्ण मुलाकात ऐसे समय पर हो रही है जब भारत-अमेरिका व्यापार सौदे पर बातचीत चल रही है। इससे बाजार के सेंटिमेंट में सुधार की संभावना है।

हालिया घटनाक्रमों ने संकेत दिया है कि व्यापार समझौते की बातचीत में दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार आया है और ट्रेड डील पर जल्द कोई घोषणा होने की उम्मीद है।

रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अलावा कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन सहित कई प्रमुख नेता डब्ल्यूईएफ में भाग ले रहे हैं।

इस वर्ष कॉरपोरेट जगत की बड़ी भागीदारी की उम्मीद है, जिसमें लगभग 1,700 बिजनेस लीडर्स शामिल होंगे। इनमें एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग, माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला, एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई, गूगल डीपमाइंड के सीईओ डेमिस हसाबिस, पलान्टिर के सीईओ एलेक्स कार्प और ओपनएआई की मुख्य वित्तीय अधिकारी सारा फ्रायर शामिल हैं।

केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने दावोस में आयोजित डब्ल्यूईएफ के दौरान विश्वभर के निवेशकों से भारत के स्वच्छ और हरित ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि भारत ने सोलर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण जैसे क्षेत्रों में तेजी से प्रगति की है और बड़ी संख्या में इन परियोजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने की क्षमता दिखाई है।

दावोस में केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कनाडा की कंपनी ला काइस के अध्यक्ष और सीईओ चार्ल्स एमोंड और सीओओ सारा बुशार्ड के साथ बैठक की, जिसमें भारत में दीर्घकालिक जलवायु और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े निवेश को मजबूत करने पर चर्चा की गई।

Point of View

यह स्पष्ट है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों में सुधार की संभावना है। यह बैठक न केवल भारतीय सीईओ के लिए एक अवसर है, बल्कि यह वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में भी महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है।
NationPress
20/01/2026

Frequently Asked Questions

दावोस में भारतीय सीईओ कौन-कौन से हैं?
दावोस में टाटा के एन चंद्रशेखरन, विप्रो के श्रीनि पालिया, भारती एंटरप्राइजेज के सुनिल भारती मित्तल और इन्फोसिस के सलिल पारेख शामिल हैं।
क्या इस बैठक का व्यापार पर असर होगा?
हां, इस बैठक से भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में सुधार और संभावित व्यापार समझौते की संभावना है।
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