बाबा साहेब अंबेडकर के योगदान पर पीएम मोदी का प्रेरणादायक संदेश
सारांश
Key Takeaways
- बाबा साहेब अंबेडकर का जीवन संघर्ष और समानता का प्रतीक है।
- पीएम मोदी ने अंबेडकर के विचारों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संकल्प लिया है।
- अंबेडकर ने संविधान के माध्यम से सामाजिक न्याय को मजबूत किया।
- समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए अंबेडकर का संघर्ष अद्वितीय है।
- उनकी प्रेरणा से देश में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
नई दिल्ली, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अंबेडकर जयंती के अवसर पर मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा साहेब अंबेडकर के अद्वितीय योगदान को स्मरण किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में बाबा साहेब अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस पोस्ट में एक पुरानी थ्रोबैक वीडियो साझा की गई है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज का दिन हमारे देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन है। उन्होंने कहा कि अंबेडकर केवल एक व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि एक संकल्प हैं। बाबा साहेब ने अपने जीवन को संघर्ष से जोड़ा और उन्होंने समाज में व्याप्त बुराइयों के खिलाफ निरंतर लड़ाई लड़ी।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अंबेडकर ने अपने व्यक्तिगत सम्मान या गरिमा की परवाह किए बिना समाज के अंतिम पायदान पर खड़े दलित, पिछड़े, शोषित और वंचित वर्ग के लोगों को बराबरी और सम्मान दिलाने के लिए लगातार संघर्ष किया। अपमान सहने के बावजूद, वे अपने मार्ग से कभी नहीं भटके।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद उनकी सरकार ने अंबेडकर जी की प्रेरणा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने महू की जन्मभूमि, लंदन की शिक्षा स्थली, दिल्ली की महापरिनिर्वाण स्थली और नागपुर की दीक्षा भूमि का विकास कर इन्हें 'पंचतीर्थ' के रूप में विकसित किया है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के दिखाए मार्ग पर चलते हुए देश तेजी से गरीबों, दलितों और वंचितों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।
वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने भी बाबा साहेब को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने हर वर्ग को समान अधिकार और अवसर देने वाला संविधान देकर भारतीय लोकतंत्र की मजबूत नींव रखी। अमित शाह ने यह भी कहा कि अंबेडकर ने देश की अखंडता के लिए धारा 370 का मजबूती से विरोध किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का जीवन हमें सिखाता है कि जब संकल्प देश सेवा और जन कल्याण का हो, तब हर बाधा छोटी हो जाती है।
राज्यसभा सदस्य नीतीश कुमार ने अपने संदेश में अंबेडकर को भारत के संविधान निर्माता, महान समाज सुधारक और सामाजिक न्याय के पुरोधा के रूप में सराहा। उन्होंने कहा कि अंबेडकर ने संविधान के माध्यम से सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों को एक मजबूत आधार प्रदान किया। उनके विचार और आदर्श हमें एक समावेशी और सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
पूर्व भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी बाबा साहेब को नमन करते हुए उन्हें सामाजिक क्रांति का संवाहक और संविधान का शिल्पी बताया। उन्होंने कहा कि अंबेडकर ने समता, स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के मूल्यों से भारत के नवनिर्माण की नींव को मजबूत किया। जेपी नड्डा ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बाबा साहेब के विचार हमें जनसेवा और विकसित भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रेरित करते रहेंगे।