क्या प्रधानमंत्री मोदी 25-26 अगस्त को गुजरात दौरे पर 5,400 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की सौगात देंगे?

सारांश
Key Takeaways
- 5,400 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाएं
- शहरी विकास और ऊर्जा क्षेत्र में सुधार
- रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन
- हरित ऊर्जा के लिए टीडीएस लिथियम-आयन बैटरी संयंत्र का उद्घाटन
- बिजली वितरण परियोजनाओं से रुकावटें कम होंगी
नई दिल्ली, 24 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25-26 अगस्त को गुजरात के दौरे पर उपस्थित रहेंगे। वे राज्य को 5,400 करोड़ रुपए से अधिक के विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। ये परियोजनाएं शहरी विकास, ऊर्जा, सड़क और रेलवे क्षेत्रों से जुड़ी हैं। इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी 25 अगस्त को शाम लगभग 6 बजे अहमदाबाद के खोडलधाम मैदान में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। 'मेक इन इंडिया' की सफलता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में, पीएम मोदी अहमदाबाद के हंसलपुर में 100 से अधिक देशों में निर्यात के लिए सुजुकी के पहले वैश्विक बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन "ई विटारा" को हरी झंडी दिखाएंगे।
इसके अलावा, 26 अगस्त को सुबह लगभग 10:30 बजे, पीएम मोदी टीडीएस लिथियम-आयन बैटरी संयंत्र में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड के स्थानीय उत्पादन का उद्घाटन करेंगे, जो हरित ऊर्जा के क्षेत्र में भारत के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
प्रधानमंत्री मोदी 1,400 करोड़ रुपए से अधिक की कई रेलवे परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसमें 530 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 65 किलोमीटर लंबी महेसाणा-पालनपुर रेल लाइन का दोहरीकरण, 860 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 37 किलोमीटर लंबी कलोल-कडी-कटोसन रोड रेल लाइन और 40 किलोमीटर लंबी बेचराजी-रानुज रेल लाइन शामिल हैं। पीएम मोदी कटोसन रोड और साबरमती के बीच यात्री ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाएंगे।
प्रधानमंत्री वीरमगाम-खुदाद-रामपुरा सड़क के चौड़ीकरण के बाद उसका उद्घाटन करेंगे। वे अहमदाबाद-मेहसाणा-पालनपुर मार्ग पर 6 लेन वाले वाहन अंडरपास और अहमदाबाद-वीरमगाम मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण की आधारशिला रखेंगे।
इसके अलावा, पीएम नरेंद्र मोदी उत्तर गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (यूजीवीसीएल) के तहत अहमदाबाद, मेहसाणा और गांधीनगर में बिजली वितरण परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। 1000 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली ये परियोजनाएं प्रतिकूल मौसम के दौरान बिजली की रुकावटों और कटौती को कम करेंगी।