क्या पीएम मोदी बिहार और पश्चिम बंगाल के दौरे पर 12,000 करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे?
सारांश
Key Takeaways
नई दिल्ली, 18 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को बिहार और पश्चिम बंगाल के दौरे पर होंगे, जहां वे 12,000 करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे।
इस दौरे के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी बिहार के मोतिहारी और पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में जनसभाओं को संबोधित करेंगे।
बिहार में 7,200 करोड़ और पश्चिम बंगाल में 5,000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शुभारंभ किया जाएगा, जो क्षेत्र की कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे, रोजगार, ग्रामीण आजीविका और डिजिटल नवाचार में सुधार लाएगा।
प्रधानमंत्री मोतिहारी (बिहार) में रेल, सड़क, आईटी, मत्स्य पालन और ग्रामीण विकास से संबंधित परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही वे पटना, मोतिहारी, दरभंगा और मालदा टाउन को दिल्ली, लखनऊ जैसे शहरों से जोड़ने वाली चार अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे।
बिहार में प्रमुख रेल परियोजनाओं में समस्तीपुर-बछवाड़ा लाइन पर स्वचालित सिग्नलिंग का उद्घाटन और दरभंगा-थलवारा तथा समस्तीपुर-रामभद्रपुर खंडों का दोहरीकरण शामिल है, जिनकी लागत 580 करोड़ रुपए है।
प्रधानमंत्री मोदी पाटलिपुत्र में वंदे भारत रखरखाव सुविधा और दरभंगा-नरकटियागंज लाइन के दोहरीकरण सहित 4,080 करोड़ रुपए की रेल परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे।
वे सड़क बुनियादी ढांचे के अंतर्गत आरा बाइपास और एनएच-319 के पररिया-मोहनिया खंड के चौड़ीकरण परियोजना का शुभारंभ करेंगे, जिसकी लागत 820 करोड़ रुपए है।
बिहार की डिजिटल अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए, प्रधानमंत्री दरभंगा में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) सुविधा और पटना में एक इनक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन करेंगे, जिससे स्टार्ट-अप्स और आईटी/आईटीईएस निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा, पीएम मोदी पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा और पुरुलिया जिलों में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) परियोजना की आधारशिला रखेंगे, जिसकी लागत लगभग 1,950 करोड़ रुपए है। यह परियोजना घरों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और औद्योगिक ग्राहकों को पीएनजी कनेक्शन प्रदान करेगी।
प्रधानमंत्री मोदी दुर्गापुर-हल्दिया प्राकृतिक गैस पाइपलाइन और बोकारो-धामरा पाइपलाइन को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिसे प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा (पीएमयूजी) परियोजना के रूप में भी जाना जाता है।