प्रधानमंत्री मोदी का कर्नाटक दौरा: मांड्या में श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर का उद्घाटन
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी का कर्नाटक दौरा धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है।
- श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर का उद्घाटन समाज सेवा के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
- यह कार्यक्रम पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के साथ मिलकर आयोजित हो रहा है।
- यह मंदिर डॉ. बालगंगाधरनाथ महास्वामीजी की शिक्षाओं को सम्मानित करता है।
- समाज सेवा को सर्वोच्च आराधना मानने वाले डॉ. महास्वामीजी के योगदान को दर्शाता है।
नई दिल्ली, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को कर्नाटक की यात्रा पर रहेंगे। इस यात्रा के दौरान, वह मांड्या जिले में स्थित श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन समारोह का कार्यक्रम सुबह लगभग 11 बजे निर्धारित है, जहां प्रधानमंत्री उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी करेंगे।
इस दौरान, प्रधानमंत्री मोदी एक विशेष कार्यक्रम में भाग लेते हुए पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के साथ मिलकर 'सौंदर्य लहरी और शिव महिम्न स्तोत्रम' नामक पुस्तक का संयुक्त विमोचन भी करेंगे।
श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर एक भव्य स्मारक है, जिसे श्री श्री श्री डॉ. बालगंगाधरनाथ महास्वामीजी की स्मृति में बनाया गया है। ये श्री आदिचुंचनगिरी महासंस्थान मठ के 71वें पीठाधीश्वर थे। यह मंदिर पारंपरिक द्रविड़ वास्तुकला की शैली में निर्मित है और संत के जीवन, उनके आदर्शों और उनके योगदान को समर्पित है।
यह स्मारक केवल श्रद्धा का केंद्र नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी माना जा रहा है।
श्री श्री श्री डॉ. बालगंगाधरनाथ महास्वामीजी को उनके समाज सेवा के कार्यों के लिए व्यापक सम्मान प्राप्त था। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई संस्थानों की स्थापना की। उनका मानना था कि समाज की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। उनकी शिक्षाएं जाति, धर्म और क्षेत्र की सीमाओं से परे थीं, जिसने लाखों लोगों को प्रेरित किया। उनका दृढ़ विश्वास था कि समाज की सेवा ही ईश्वर की सर्वोच्च आराधना है, और उनकी शिक्षाओं ने जाति, पंथ और क्षेत्र की सीमाओं को पार करते हुए लाखों लोगों को प्रेरित किया।