राष्ट्रपति मुर्मु ने राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के महत्व पर जोर दिया

Click to start listening
राष्ट्रपति मुर्मु ने राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के महत्व पर जोर दिया

सारांश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में कहा कि बदलते सुरक्षा परिदृश्य में इन संस्थानों की जिम्मेदारी और महत्व बढ़ गया है।

Key Takeaways

  • राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय की भूमिका बढ़ी है।
  • सुरक्षा परिदृश्य में जटिलता बढ़ रही है।
  • तकनीकी दक्षता और साइबर सुरक्षा पर जोर देना आवश्यक है।
  • इंडिया एआई मिशन का महत्व।
  • स्वदेशी क्षमताओं को बढ़ावा देना जरूरी है।

नई दिल्ली, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को गुजरात के गांधीनगर में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लिया। उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि बदलते सुरक्षा परिदृश्य में ऐसे संस्थानों का महत्व और भी बढ़ गया है।

इस मौके पर राष्ट्रपति ने कहा कि भविष्य में सुरक्षा परिदृश्य और जटिल होता जाएगा। कुछ वर्षों पहले हम डिजिटल गिरफ्तारी, साइबर अपराध और फिशिंग हमलों से अनजान थे। लेकिन आज ये हमारे सामने गंभीर खतरों के रूप में मौजूद हैं। ऐसे में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों की जिम्मेदारी काफी महत्वपूर्ण हो जाती है।

उन्होंने कहा कि देश को ऐसे पुलिस अधिकारियों की आवश्यकता है जो तकनीक में निपुण हों और साइबर धोखाधड़ी करने वालों को पकड़ने में सक्षम हों। इसके साथ ही, ऐसे फोरेंसिक विशेषज्ञों की आवश्यकता है जो अदालतों के मामलों में सक्षम हों। इसके अलावा, ऐसे पेशेवरों की भी आवश्यकता है जो भू-राजनीति को समझें और भारत के दृष्टिकोण को विश्व स्तर पर स्पष्टता के साथ प्रस्तुत कर सकें।

राष्ट्रपति ने बताया कि रणनीतिक अध्ययन अब केवल युद्ध और शांति तक सीमित नहीं हैं। इसमें रक्षा विनिर्माण, उभरती प्रौद्योगिकियां, आपूर्ति श्रृंखलाएं और आत्मनिर्भर औद्योगिक क्षमताएं भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा और सुरक्षा से संबंधित उद्योगों के साथ समन्वय स्थापित करना इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक है।

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्र विश्व में बदलाव और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। सरकार इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। 'इंडिया एआई मिशन' और 'एआई इम्पैक्ट समिट 2026' जैसी पहलों के माध्यम से भारत वैश्विक एआई प्रशासन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में 'नई दिल्ली घोषणा' को मिला अंतरराष्ट्रीय समर्थन एक तकनीकी उपलब्धि ही नहीं, बल्कि भारत की नेतृत्व क्षमता का भी प्रमाण है।

राष्ट्रपति ने कहा कि साइबर सुरक्षा आंतरिक सुरक्षा, वित्तीय स्थिरता और डिजिटल विश्वास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। भारत ने भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल जैसे मजबूत संस्थागत तंत्र विकसित किए हैं, जो नागरिकों के लिए लाभकारी साबित हो रहे हैं।

उन्हें विश्वास है कि राष्ट्रीय शक्ति केवल सैन्य कर्मियों और सुरक्षा बलों के साहस पर निर्भर नहीं करती, बल्कि सुरक्षा के लिए आवश्यक शस्त्रों और गोला-बारूद की गुणवत्ता, उत्पादन, प्रशिक्षण और तकनीकी आत्मनिर्भरता पर भी निर्भर करती है। सरकार इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। स्वदेशी क्षमताओं को बढ़ावा देकर रक्षा क्षेत्र में आयात पर निर्भरता कम की जा रही है।

राष्ट्रपति ने आशा व्यक्त की कि राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय सुरक्षा शिक्षा के लिए एक उत्कृष्ट वैश्विक केंद्र बनेगा और यहाँ से स्नातक होने वाले छात्र एक सुरक्षित, न्यायपूर्ण और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देंगे। इन प्रयासों के माध्यम से भारत एक सुरक्षित, सशक्त और विकसित राष्ट्र के रूप में उभरेगा।

Point of View

जो बदलते सुरक्षा परिदृश्य में आवश्यक है। यह संबोधन हमें याद दिलाता है कि तकनीकी दक्षता और वैश्विक दृष्टिकोण के साथ हमें एक सुरक्षित भविष्य की ओर अग्रसर होना है।
NationPress
15/04/2026

Frequently Asked Questions

राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का क्या महत्व है?
राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का महत्व बढ़ता जा रहा है, विशेषकर बदलते सुरक्षा परिदृश्य में। यह संस्थान देश के पुलिस अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करता है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने किस विषय पर बात की?
राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने संबोधन में सुरक्षा परिदृश्य, तकनीकी दक्षता और राष्ट्र निर्माण के महत्व पर बल दिया।
Nation Press