30 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या जनजातीय समुदाय की प्रकृति-अनुकूल जीवनशैली सभी के लिए प्रेरणास्रोत है? : राष्ट्रपति मुर्मू

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या जनजातीय समुदाय की प्रकृति-अनुकूल जीवनशैली सभी के लिए प्रेरणास्रोत है? : राष्ट्रपति मुर्मू

सारांश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गिर राष्ट्रीय उद्यान का दौरा किया और स्थानीय आदिवासी समुदाय से संवाद किया। उन्होंने उनकी प्रकृति-अनुकूल जीवनशैली की सराहना की और इसे सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। क्या आप जानते हैं कि यह जीवनशैली कैसे समाज के लिए लाभकारी हो सकती है?

मुख्य बातें

आदिवासी समुदाय की प्रकृति-अनुकूल जीवनशैली सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
राष्ट्रपति ने जनजातीय लोगों के साथ संवाद किया और उनकी साक्षरता की सराहना की।
आदिवासी लोगों के कल्याण के लिए भारत सरकार की पहल महत्वपूर्ण हैं।
शिक्षा प्रदान करने पर जोर दिया गया है।
2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य।

नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को गिर राष्ट्रीय उद्यान का दौरा किया और स्थानीय आदिवासी समुदाय से संवाद किया। उन्होंने उनकी प्रकृति-अनुकूल जीवनशैली की सराहना करते हुए इसे सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। राष्ट्रपति ने सोमनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा के साथ अपने कार्यक्रम की शुरुआत की।

राष्ट्रपति मुर्मू ने मंदिर के निकट सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

इसके बाद, राष्ट्रपति ने गिर राष्ट्रीय उद्यान का दौरा किया और सासन गिर में स्थानीय जनजातीय लोगों से विचार-विमर्श किया।

राष्ट्रपति ने कहा कि जनजातीय लोगों के पास जीवन में प्रगति के अनेक अवसर हैं। उन्होंने जनजातीय लोगों से अपने बच्चों को सर्वोत्तम संभव शिक्षा प्रदान करने का प्रयास करने का आग्रह किया।

उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि सिद्दी जनजातीय समुदाय, जो एक आदिम जनजातीय समूह है, की साक्षरता दर 72 प्रतिशत से अधिक है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत सरकार ने आदिवासी लोगों के कल्याण के लिए विभिन्न पहल शुरू की हैं। उन्होंने सभी से विकासात्मक और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने और न केवल उनका लाभ उठाने, बल्कि गांव और समुदाय के लोगों को भी योजनाओं से जोड़ने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय की प्रकृति-अनुकूल जीवनशैली सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

उन्होंने कहा कि हम अपने आदिवासी भाई-बहनों की सक्रिय भागीदारी से एक ऐसे समाज और देश का निर्माण कर रहे हैं, जहां समानता, न्याय और सम्मान का वातावरण हो, जहां आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराएं संरक्षित हों और हमारे आदिवासी भाई-बहनों के अधिकार सुरक्षित हों। यह वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक अकाउंट एक्स पर राष्ट्रपति के गिर राष्ट्रीय उद्यान दौरे की कुछ तस्वीरें साझा की गईं और लिखा गया, "राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गिर राष्ट्रीय उद्यान का दौरा किया, जो राजसी एशियाई शेर और समृद्ध और विविध वन्य जीवन का घर है। बाद में, उन्होंने स्थानीय आदिवासी लोगों के साथ भी बातचीत की। राष्ट्रपति ने कहा कि आदिवासी समुदाय की प्रकृति के अनुकूल जीवन शैली सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने परंपराओं को संरक्षित करते हुए विकास के महत्व पर जोर दिया।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह समग्र सामाजिक विकास के लिए भी आवश्यक है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रपति मुर्मू ने किस स्थान का दौरा किया?
राष्ट्रपति मुर्मू ने गिर राष्ट्रीय उद्यान का दौरा किया।
क्या राष्ट्रपति ने आदिवासी समुदाय की जीवनशैली की सराहना की?
हाँ, राष्ट्रपति ने उनकी प्रकृति-अनुकूल जीवनशैली की प्रशंसा की।
सिद्दी जनजातीय समुदाय की साक्षरता दर क्या है?
सिद्दी जनजातीय समुदाय की साक्षरता दर 72 प्रतिशत से अधिक है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने किस मंदिर में दर्शन किया?
राष्ट्रपति ने सोमनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा की।
भारत सरकार ने आदिवासी लोगों के लिए क्या पहल की है?
भारत सरकार ने आदिवासी लोगों के कल्याण के लिए विभिन्न पहल शुरू की हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले