क्या वीरभद्र सिंह के कण-कण में हिमाचल था?: प्रियंका गांधी वाड्रा
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार को शिमला में रिज मैदान पर हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया।
इस मौके पर उनके साथ पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, वीरभद्र सिंह की पत्नी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, हिमाचल प्रदेश के मंत्री विक्रमादित्य सिंह, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल, पार्टी महासचिव सचिन पायलट, पूर्व प्रभारी राजीव शुक्ला, सांसद दीपेंद्र हुड्डा समेत कई नेता उपस्थित रहे।
प्रियंका गांधी ने अपने संबोधन में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वीरभद्र सिंह ऐसे व्यक्ति थे, जिनके कण-कण में हिमाचल बसा था। उन्होंने एक चाय की दुकान के किस्से का जिक्र करते हुए बताया कि वीरभद्र सिंह का व्यक्तित्व इतना मिलनसार था कि जनता को यह आभास नहीं होता था कि वह मुख्यमंत्री हैं, बल्कि जनता उन्हें अपना मानती थी।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि नेताओं का जनता से ऐसा जुड़ाव ही कांग्रेस की परंपरा है, जो नेहरू जी और इंदिरा गांधी के समय से चली आ रही है। उन्होंने कहा कि आज मुख्यमंत्री सुक्खू भी इसी परंपरा को निभाते हैं, वे सरलता से जीवन जीते हैं और हमेशा जनता की बात सुनते हैं, उनके बीच रहते हैं।
प्रियंका गांधी ने हिमाचल प्रदेश में आई आपदा का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार पर प्रदेश की अनदेखी के पुख्ता आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण हुई भयंकर तबाही के बावजूद कांग्रेस सरकार होने के कारण मोदी सरकार ने आवश्यक मदद नहीं दी।
उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यहां परिवार उजड़ गए, घर बह गए, पाठशालाएं तबाह हो गईं, लेकिन केंद्र की ओर से मदद नहीं मिली। उन्होंने कहा कि आज तक जो मदद सुक्खू सरकार ने मांगी है, वह केंद्र सरकार ने नहीं दी है। ऐसा इसलिए है क्योंकि भाजपा की राजनीति सिर्फ और सिर्फ चुनाव जीतने तक सीमित रहती है। जहां कांग्रेस की सरकार होती है, वहां जनता की जरूरतों को नजरअंदाज किया जाता है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि आज हमारे देश को सबसे अधिक आवश्यकता ऐसे नेताओं की है, जो प्रचार की बजाय जनता के कल्याण के लिए कार्य करें। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वे निडर होकर देशहित में बोलते हैं और उसी विचारधारा का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसके आधार पर यह देश बना है।
उन्होंने कहा कि आज ऐसी राजनीति की आवश्यकता है जो विकास, शिक्षा और रोजगार के लिए प्रतिबद्ध हो। उन्होंने अफसोस जताया कि केंद्र की मोदी सरकार इस प्रकार की राजनीति नहीं कर रही है।