पंजाब के किसानों की समस्याओं पर जाखड़ का बयान, 'मुख्यमंत्री रैलियों में व्यस्त'
सारांश
Key Takeaways
- किसानों की समस्याएं: बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान।
- मुख्यमंत्री की प्राथमिकताएं: राजनीतिक रैलियों में व्यस्तता।
- राहत कोष: 13,000 करोड़ रुपए की उपलब्धता।
- भ्रष्टाचार के आरोप: सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी नीति पर सवाल।
- भाजपा का रोडमैप: बदलाव की दिशा में एक कदम।
चंडीगढ़, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने रविवार को आरोप लगाया कि जब पूरे राज्य के किसान बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के चलते भारी क्षति का सामना कर रहे हैं, तब मुख्यमंत्री भगवंत मान राजनीतिक रैलियों में व्यस्त हैं।
जाखड़ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार किसानों की समस्याओं को हल करने में असफल रही है और उसे तुरंत गिरदावरी (फसल क्षति आकलन) कराने और मुआवजा प्रदान करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि आपदा राहत कोष के तहत केंद्र से प्राप्त 13,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि पहले से ही राज्य सरकार के पास उपलब्ध है, इस बात को मुख्यमंत्री ने स्वयं छह महीने बाद स्वीकार किया।
भगवंत मान की सरकार पर कटाक्ष करते हुए जाखड़ ने आरोप लगाया कि जिन मंडियों में पक्के शेड मौजूद हैं, वहां भी दिल्ली के चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए वाटरप्रूफ टेंट लगाए जा रहे हैं, जबकि किसान खराब मौसम की मार झेल रहे हैं।
जाखड़ ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने उसी राजस्थान की कंपनी से बसें खरीदी हैं, जिस पर उसने पूर्व कांग्रेस सरकार को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया था।
उन्होंने सरकार के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को 'केवल एक प्रचार का उपकरण' बताते हुए कहा कि जनता के धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। राज्य में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है, जबकि बिगड़ती कानून-व्यवस्था और नशे की समस्या पंजाब के लोगों के लिए गंभीर चुनौतियां बनी हुई हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया पंजाब दौरे का जिक्र करते हुए जाखड़ ने कहा कि भाजपा ने बदलाव का एक रोडमैप प्रस्तुत किया था, और तब से विपक्षी दलों द्वारा फैलाए गए भ्रम अब मिटने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि केवल भाजपा का सक्षम नेतृत्व ही पंजाब में शांति स्थापित कर सकता है, नशे की समस्या पर नियंत्रण रख सकता है और सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत कर सकता है। राज्य की जनता अब बदलाव के लिए तैयार है।