क्या पंजाब में सड़क सुरक्षा में सुधार हुआ है? मुख्यमंत्री भगवंत मान का बयान

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क्या पंजाब में सड़क सुरक्षा में सुधार हुआ है? मुख्यमंत्री भगवंत मान का बयान

सारांश

पंजाब में सड़क सुरक्षा बल के गठन के बाद, सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 48 प्रतिशत की कमी आई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे एक सफल मॉडल बताया है, जो अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा बन सकता है। जानें कैसे यह पहल पंजाब में सड़क सुरक्षा के नए मानक स्थापित कर रही है।

मुख्य बातें

पंजाब में सड़क दुर्घटनाओं में 48% की कमी आई है।
सड़क सुरक्षा बल का गठन पिछले साल फरवरी में हुआ।
स्विफ्ट इमरजेंसी रिस्पॉन्स और बेहतर ट्रामा सेंटर का योगदान।
अन्य राज्यों ने भी इस मॉडल को अपनाने की इच्छा जताई है।
मुख्यमंत्री का नेतृत्व महत्वपूर्ण साबित हुआ है।

चंडीगढ़, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सड़क सुरक्षा बल (एसएसएफ) के गठन के बाद से पंजाब में सड़क सुरक्षा के परिणामों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। स्विफ्ट इमरजेंसी रिस्पॉन्स, इमीडिएट फर्स्ट एड और बेहतर ट्रामा सेंटर के कारण सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में ४८ प्रतिशत की कमी आई है।

पंजाब एक समय सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के मामले में शीर्ष तीन राज्यों में शामिल था, लेकिन इस स्थिति को काफी हद तक बदल दिया गया है। अब तेजी से अस्पताल में भर्ती और बेहतर उपचार प्रोटोकॉल के चलते जानें बचाई जा रही हैं।

इस पहल के प्रभाव को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को बताया कि सड़क सुरक्षा बल ने पटियाला-सिरहिंद जैसी दुर्घटना-प्रवण सड़कों (ब्लैक स्पॉट) को बदलने और ४३,००० किलोमीटर उच्च गुणवत्ता वाली सड़कों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि इस मॉडल ने कई अन्य राज्यों का ध्यान आकर्षित किया है और यहाँ तक कि प्रधानमंत्री ने 'मन की बात' में इसे राष्ट्र के लिए एक रोडमैप के रूप में संदर्भित किया है।

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाब में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में ४८ प्रतिशत की कमी आई है, जिसके कारण कई अन्य राज्य अब इस मॉडल को अपनाने के लिए उत्सुक हैं।

उन्होंने कहा कि कई राज्यों ने इस अनूठी जन सुरक्षा पहल को अपने-अपने क्षेत्रों में लागू करने के लिए सरकार से संपर्क किया है।

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 'मन की बात' में सड़क सुरक्षा पर चर्चा की थी, लेकिन पंजाब ने सड़क सुरक्षा बल बनाकर पूरे देश को एक नया रास्ता दिखाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल फरवरी में इसकी शुरुआत के बाद से, इस बल ने सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को ४८ प्रतिशत तक कम कर दिया है, साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की कीमती सामान और धन की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बल को ४,२०० किलोमीटर लंबे राजमार्गों पर तैनात किया गया है जो यातायात दुर्घटनाओं के लिए प्रवण (ब्लैक स्पॉट) हैं। अपने निर्धारित क्षेत्रों में गश्त करने के अलावा, एसएसएफ यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ एक मजबूत निवारक के रूप में भी कार्य करता है। पिछली किसी भी सरकार ने जनहित के ऐसे गंभीर मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण पंजाब पहले सड़क दुर्घटनाओं में हताहतों की संख्या के मामले में शीर्ष तीन राज्यों में शामिल था।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। राजनीतिक नेतृत्व और सरकारी पहलों की प्रभावशीलता को दर्शाते हुए, यह समाचार अन्य राज्यों को भी प्रेरित कर सकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब में सड़क सुरक्षा बल कब बनाया गया?
सड़क सुरक्षा बल (एसएसएफ) की शुरुआत पिछले साल फरवरी में हुई थी।
सड़क दुर्घटनाओं में मौतों में कितनी कमी आई है?
सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 48 प्रतिशत की कमी आई है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सड़क सुरक्षा पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बल ने कई ब्लैक स्पॉट्स को बदलने में मदद की है।
राष्ट्र प्रेस