पंजाब में मंत्री पर कारोबारी को धमकाने का गंभीर आरोप, राज्यपाल से करेंगे शिकायत: केंद्रीय मंत्री बिट्टू
सारांश
Key Takeaways
- पंजाब में मंत्री पर कारोबारी को धमकाने का आरोप।
- केंद्रीय मंत्री बिट्टू राज्यपाल के सामने उठाएंगे मामला।
- पीड़ित कारोबारी मलकीत सिंह की सुरक्षा को खतरा।
- राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
- सीबीआई जांच की मांग की गई है।
चंडीगढ़, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब में एक मंत्री द्वारा कारोबारी को धमकाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया है। केंद्रीय रेल राज्य मंत्री और भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने शुक्रवार को घोषणा की कि वे इस मुद्दे को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के समक्ष उठाएंगे।
चंडीगढ़ में पत्रकारों के समक्ष पीड़ित कारोबारी मलकीत सिंह को पेश करते हुए बिट्टू ने कहा कि भाजपा इस मामले को गंभीरता से लेगी। इस दौरान मुकैरियां से भाजपा विधायक जंगी लाल महाजन ने सीबीआई जांच की मांग की और पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने आरोप लगाया कि पूर्व में अमृतसर में लालजीत भुल्लर पर लगे आरोपों जैसी स्थिति अब मुकैरियां में मंत्री हरदीप मुंडिया के मामले में देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि पहले उत्पीड़न के कारण वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के अधिकारी गगनदीप रंधावा ने आत्महत्या कर ली थी, जबकि मलकीत सिंह ने लड़ाई जारी रखने का निर्णय लिया है।
बिट्टू ने कहा कि भाजपा और अन्य दल, आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ आवाज उठाते हुए कारोबारी के परिवार के साथ खड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार एक ओर विदेशी निवेश लाने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय उद्यमियों को डराकर उनसे वसूली कर रही है।
पीड़ित कारोबारी मलकीत सिंह ने कहा कि लगभग एक साल पहले मंत्री मुंडिया ने 6.5 लाख रुपये की ट्रॉली का ऑर्डर दिया था, लेकिन उसका भुगतान नहीं किया गया। जब उन्होंने पैसे की मांग की, तो मंत्री ने उनसे उनके कारोबार में हिस्सेदारी देने का दबाव डाला।
मलकीत सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि मंत्री के दबाव में पंजाब राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अन्य विभागों ने उनके खिलाफ नोटिस जारी किए, जिससे उनका व्यवसाय बंद कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि उनके परिवार की जान को खतरा है और उन्हें गैंगस्टर से संबंधित धमकियाँ मिल रही हैं। मलकीत सिंह के भाई पर पहले ही हमला किया जा चुका है, लेकिन शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने मंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।