क्या पंजाब सरकार प्राकृतिक आपदा से निपटने में नाकाम रही है? गुरविंदर सिंह गौरव संधू का आरोप

सारांश
Key Takeaways
- पंजाब में बाढ़ की गंभीर स्थिति है।
- सरकार की राहत कार्यों में कमी है।
- किसान कांग्रेस ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- बाढ़ पीड़ितों को तुरंत सहायता की आवश्यकता है।
- सरकार को ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
चंडीगढ़, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। अखिल भारतीय किसान कांग्रेस पंजाब के महासचिव गुरविंदर सिंह गौरव संधू ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर प्राकृतिक आपदा से निपटने में पूरी तरह से विफल रहने का गंभीर आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि पंजाब इस समय भयावह बाढ़ की चपेट में है, जहाँ लोग पानी में डूब रहे हैं, उनके घर-बार, सामान और आजीविका तबाह हो रही है, लेकिन राज्य सरकार इस संकट को नजरअंदाज कर रही है। यह सरकार पूरी तरह से नाकारा और निकम्मी है।
संधू ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनके मंत्री पंजाब के हालात को संभालने के बजाय तमिलनाडु और अन्य राज्यों के दौरों में व्यस्त हैं। अगर सरकार ने समय रहते उचित कदम उठाए होते, तो आज पंजाब के कई जिलों में लोगों को इस भयंकर तबाही का सामना नहीं करना पड़ता।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि पंजाब सरकार को पहले से ही सतर्क हो जाना चाहिए था, क्योंकि इन घटनाओं का असर पड़ोसी राज्य पंजाब पर पड़ना तय था।
किसान कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि आप सरकार केवल दिखावे की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा, "सरकार को हिमाचल प्रदेश के हालात की जानकारी थी, फिर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। न तो बाढ़ से निपटने की पहले से कोई तैयारी की गई और न ही केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित किया गया।"
संधू ने आगे कहा कि अगर समय रहते बांधों और नहरों की मरम्मत, जल निकासी की व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की योजना बनाई गई होती, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य भी नाकाफी हैं। कई गाँवों में लोग बिना भोजन, पानी और आश्रय के दिन गुजार रहे हैं। सरकार तत्काल प्रभाव से बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत पैकेज की घोषणा करे और प्रभावित परिवारों को मुआवजा प्रदान करे।
उन्होंने केंद्र सरकार से भी अपील की कि वह पंजाब के हालात पर ध्यान दे और राज्य को हर संभव सहायता प्रदान करे। अगर सरकार ने जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए, तो किसान कांग्रेस सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेगी। पंजाब का किसान और आम नागरिक इस सरकार की नाकामी का खामियाजा नहीं भुगतेगा।