पूर्णिया में ब्राउन शुगर तस्करी का पर्दाफाश: ₹20.10 लाख की स्मैक के साथ दंपति गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
बिहार पुलिस ने 13 अक्टूबर 2026 को पूर्णिया जिले के धमदाहा सब-डिवीजन अंतर्गत बरहराकोठी थाना क्षेत्र के लतराहा गाँव में छापेमारी कर एक विवाहित दंपति को 104.53 ग्राम ब्राउन शुगर (स्थानीय भाषा में 'स्मैक') के साथ गिरफ्तार किया है। जब्त नशीले पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत कथित तौर पर ₹20.10 लाख आँकी गई है।
मुख्य घटनाक्रम
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुड्डू यादव उर्फ मुकेश कुमार और उनकी पत्नी कंचन कुमारी के रूप में हुई है। पुलिस को संदेह है कि इस आवास का उपयोग आसपास के इलाकों में ड्रग की आपूर्ति और भंडारण के लिए किया जा रहा था।
गाँव में संदिग्ध नशा तस्करी की सूचना मिलने के बाद पूर्णिया के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर कार्रवाई की गई। घर की तलाशी के दौरान टीम को संदिग्ध नशीला पदार्थ बरामद हुआ और दंपति को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया।
विशेष टीम का गठन और ऑपरेशन
धमदाहा के उपमंडल पुलिस अधिकारी (SDPO) अजीत प्रताप सिंह चौहान के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। बरहराकोठी के सर्कल ऑफिसर मोहन कुमार शर्मा इस ऑपरेशन में मजिस्ट्रेट के रूप में शामिल हुए।
इस अभियान में स्थानीय स्टेशन हाउस ऑफिसर, जिला खुफिया इकाई (DIU) के कर्मचारी और अन्य पुलिस अधिकारी भी तैनात थे। जब्त सामग्री को आगे की जाँच के लिए पुलिस की अभिरक्षा में ले लिया गया है।
जाँच का दायरा
जाँच अधिकारी दंपति से गहन पूछताछ कर बरामद ब्राउन शुगर के स्रोत और आपूर्ति श्रृंखला में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान करने में जुटे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह खेप किस गंतव्य तक पहुँचाई जानी थी।
गौरतलब है कि सीमांचल क्षेत्र — जिसमें पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज जिले शामिल हैं — लंबे समय से नेपाल और बांग्लादेश से ड्रग तस्करी के मार्ग के रूप में चिह्नित रहा है। यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब बिहार पुलिस सीमांचल में ड्रग नेटवर्क के विरुद्ध अभियान तेज़ कर रही है।
पुलिस की प्रतिक्रिया
SDPO अजीत प्रताप सिंह चौहान ने कहा कि नशा तस्करी के विरुद्ध यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर अन्य संदिग्ध आपूर्तिकर्ताओं और सहयोगियों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
आगे की कार्रवाई
आरोपी दंपति के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जाँच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी भी संभव है।