2 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या पिछड़े वर्ग को राहुल गांधी के साथ खड़ा होना चाहिए? : भूपेश बघेल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या पिछड़े वर्ग को राहुल गांधी के साथ खड़ा होना चाहिए? : भूपेश बघेल

सारांश

भूपेश बघेल ने कहा है कि देश के पिछड़े वर्ग को राहुल गांधी के साथ खड़े होना चाहिए। उन्होंने जाति जनगणना की महत्वपूर्णता और सरकार की नीतियों पर भी चर्चा की। यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जो देश के सामाजिक ढांचे को प्रभावित करता है।

मुख्य बातें

पिछड़े वर्ग को राहुल गांधी का समर्थन करना चाहिए।
जाति जनगणना राहुल गांधी द्वारा उठाया गया महत्वपूर्ण मुद्दा है।
सरकार की नीतियों में सुधार की आवश्यकता है।
आतंकवाद के खिलाफ खड़े होने का महत्व।
कृषि योजनाओं का सही कार्यान्वयन आवश्यक है।

रायपुर, १६ जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के अनुभवी नेता भूपेश बघेल ने कहा है कि देश के पिछड़े वर्ग को राहुल गांधी के साथ खड़ा होना चाहिए। वह पिछड़े वर्ग के सभी मुद्दों को सरकार के सामने मजबूती से उठाते रहे हैं।

बुधवार को बेंगलुरु से लौटते हुए स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट, रायपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए बघेल ने बताया कि पिछड़ा वर्ग परिषद की पहली बैठक दिल्ली में हुई थी और दूसरी बैठक कर्नाटक के बेंगलुरु में आयोजित की गई। २५ तारीख को दिल्ली में एक बड़ा अधिवेशन होगा जिसमें मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी शामिल होंगे।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जाति जनगणना का मुद्दा उठाया है, जिसके तहत हर व्यक्ति की आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक भागीदारी की समीक्षा की जाएगी। केंद्र सरकार राहुल गांधी की मांग को लेकर बैकफुट पर आ गई है और जातिगत जनगणना को तैयार कर रही है, जिससे पिछड़े वर्ग को लाभ होगा। यह मुद्दा हमारे नेता द्वारा उठाया गया था, इसलिए पिछड़े वर्ग की जिम्मेदारी बनती है कि वे उनके साथ खड़े हों।

बघेल ने आगे कहा, "पाकिस्तान में बिरयानी खाने के लिए प्रधानमंत्री गए थे। जब ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत हुई तब विदेश मंत्री ने उन्हें सूचित किया। पाकिस्तान के साथ मिलीभगत उनकी है। हम पहलगाम हमले के बाद सरकार के साथ खड़े थे। हम आतंकवाद के खिलाफ हैं। लेकिन, सरकार आज तक यह नहीं बता पाई कि सीज़फायर क्यों हुआ। ट्रंप ने सीज़फायर कराने का दावा किया है, यह देश के लिए शर्मनाक है। प्रधानमंत्री अमेरिका के सामने झुक गए। जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं, तब पाकिस्तान का दो टुकड़ा करके बांग्लादेश बना दिया गया था।"

कैबिनेट के 'प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना' पर बघेल ने कहा, "सरकार ने फसल विविधीकरण को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। हमने राजीव गांधी किसान सम्मान योजना लागू की थी, लेकिन मौजूदा सरकार ने इसे बंद कर दिया है। किसान को अब धान की फसल पर ही लाभ होगा, तो वह दूसरी फसल क्यों लगाएगा? भाजपा सरकार की कथनी और करनी में अंतर है।"

कांग्रेस के कार्यकाल में आदिवासी बालक छात्रावास में सप्लाई को लेकर १५०० करोड़ का घोटाला हुआ है। इस पर बघेल ने कहा कि सरकार केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हम भूपेश बघेल के दृष्टिकोण को महत्व देते हैं। उनका कहना है कि पिछड़े वर्ग की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए राजनीतिक सहयोग आवश्यक है। यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जो देश की प्रगति को प्रभावित करता है।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भूपेश बघेल ने कौन सा मुद्दा उठाया?
भूपेश बघेल ने जाति जनगणना का मुद्दा उठाया है।
पिछड़ा वर्ग परिषद की बैठक कब हुई थी?
पिछड़ा वर्ग परिषद की पहली बैठक दिल्ली में और दूसरी बैठक बेंगलुरु में हुई थी।
सरकार ने किस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया?
सरकार ने फसल विविधीकरण योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 9 महीने पहले
  3. 10 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले