1 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या राहुल गांधी हमेशा अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या राहुल गांधी हमेशा अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं?

सारांश

राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने राहुल गांधी के रायबरेली दौरे और देश की सुरक्षा नीति पर विचार साझा किए। उन्होंने मनरेगा योजना में बदलाव और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद पर चिंता जताई, जो सभी के लिए महत्वपूर्ण है। इस लेख में जानिए उनके विचारों के पीछे की सच्चाई।

मुख्य बातें

राहुल गांधी का रायबरेली दौरा स्थानीय समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करेगा।
मनरेगा योजना में बदलाव के पीछे मजदूरों के अधिकारों का हनन है।
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति पर चिंता जताई गई है।

लखनऊ, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राज्यसभा सांसद और कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने सोमवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के रायबरेली दौरे, देश की रक्षा नीति, जम्मू-कश्मीर में हालिया आतंकी मुठभेड़, और मनरेगा योजना के नाम में बदलाव पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

प्रमोद तिवारी ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि राहुल गांधी आज लखनऊ एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे और वहां से अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के दो दिवसीय दौरे पर निकलेंगे। इस दौरान वह क्षेत्रीय लोगों और कार्यकर्ताओं से मिलेंगे, समस्याएं सुनेंगे और विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हमेशा अपने निर्वाचन क्षेत्र के प्रति समय निकालते हैं और सांसद के रूप में अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं।

रक्षा मामलों पर बोलते हुए तिवारी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र की बात की। तिवारी ने कहा कि पहले देश का रक्षा क्षेत्र मुख्य रूप से सार्वजनिक क्षेत्र तक सीमित था, लेकिन अब निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चीन और पाकिस्तान का नाम लिए बिना चुनौतियों का जिक्र करती है, जबकि गलवान की घटना के लिए चीन जिम्मेदार है। देश की सेना को मजबूत करने की परंपरा जवाहरलाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, नरसिंह राव और अटल बिहारी वाजपेयी तक सभी प्रधानमंत्रियों ने निभाई है।

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति पर चिंता जताते हुए तिवारी ने कहा कि इस वर्ष की पहली बड़ी आतंकी मुठभेड़ में भारतीय सेना के आठ जवान घायल हुए हैं, जिनमें से तीन को हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया।

उन्होंने इसे बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री पहले दावा करते थे कि नोटबंदी से आतंकवाद खत्म होगा, लेकिन आज भी पहलगाम जैसे क्षेत्रों में हमले हो रहे हैं।

प्रमोद तिवारी ने सवाल उठाया कि जब सैनिक सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक और पर्यटक कैसे सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने कश्मीर घाटी में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।

मनरेगा योजना के नाम में बदलाव पर तिवारी ने राहुल गांधी के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मजदूरों के अधिकार छीने जा रहे हैं और यह श्रमिक कानूनों के खिलाफ है। मनरेगा का नाम बदलना भाजपा की 'गांधी विरोधी सोच' को दर्शाता है। पहले 'राइट टू वर्क' और 'राइट टू वेजेस' जैसी गारंटी के तहत करोड़ों रुपये का काम हुआ, जिससे लाखों मजदूरों को लाभ मिला। नई योजना से भूमिहीन मजदूरों और जरूरतमंदों के साथ धोखा हुआ है।

नोएडा में 27 वर्षीय युवक की गड्ढे में गिरकर मौत के मामले पर तिवारी ने इसे सरकार और नोएडा प्राधिकरण की विफलता बताया। उन्होंने कहा कि सड़क से संकेत हटे हुए थे, गड्ढों की शिकायत पहले ही की जा चुकी थी, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। युवक मदद के लिए चीखता रहा, अपने पिता को पुकारता रहा, लेकिन सिस्टम उसे बचा नहीं पाया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह हमारे लोकतंत्र और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा है। सभी नेताओं को अपने कार्यों के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी का रायबरेली दौरा कब हुआ?
राहुल गांधी का रायबरेली दौरा 19 जनवरी को हुआ।
मनरेगा योजना में बदलाव के पीछे क्या कारण है?
प्रमोद तिवारी ने कहा कि यह मजदूरों के अधिकारों का हनन है और भाजपा की 'गांधी विरोधी सोच' को दर्शाता है।
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति पर क्या प्रतिक्रिया है?
तिवारी ने चिंता जताई कि इस साल की पहली बड़ी आतंकी मुठभेड़ में भारतीय सेना के जवान घायल हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले