क्या राहुल गांधी हमेशा अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं?
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लखनऊ, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राज्यसभा सांसद और कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने सोमवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के रायबरेली दौरे, देश की रक्षा नीति, जम्मू-कश्मीर में हालिया आतंकी मुठभेड़, और मनरेगा योजना के नाम में बदलाव पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
प्रमोद तिवारी ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि राहुल गांधी आज लखनऊ एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे और वहां से अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के दो दिवसीय दौरे पर निकलेंगे। इस दौरान वह क्षेत्रीय लोगों और कार्यकर्ताओं से मिलेंगे, समस्याएं सुनेंगे और विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हमेशा अपने निर्वाचन क्षेत्र के प्रति समय निकालते हैं और सांसद के रूप में अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं।
रक्षा मामलों पर बोलते हुए तिवारी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र की बात की। तिवारी ने कहा कि पहले देश का रक्षा क्षेत्र मुख्य रूप से सार्वजनिक क्षेत्र तक सीमित था, लेकिन अब निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चीन और पाकिस्तान का नाम लिए बिना चुनौतियों का जिक्र करती है, जबकि गलवान की घटना के लिए चीन जिम्मेदार है। देश की सेना को मजबूत करने की परंपरा जवाहरलाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, नरसिंह राव और अटल बिहारी वाजपेयी तक सभी प्रधानमंत्रियों ने निभाई है।
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति पर चिंता जताते हुए तिवारी ने कहा कि इस वर्ष की पहली बड़ी आतंकी मुठभेड़ में भारतीय सेना के आठ जवान घायल हुए हैं, जिनमें से तीन को हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया।
उन्होंने इसे बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री पहले दावा करते थे कि नोटबंदी से आतंकवाद खत्म होगा, लेकिन आज भी पहलगाम जैसे क्षेत्रों में हमले हो रहे हैं।
प्रमोद तिवारी ने सवाल उठाया कि जब सैनिक सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक और पर्यटक कैसे सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने कश्मीर घाटी में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।
मनरेगा योजना के नाम में बदलाव पर तिवारी ने राहुल गांधी के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मजदूरों के अधिकार छीने जा रहे हैं और यह श्रमिक कानूनों के खिलाफ है। मनरेगा का नाम बदलना भाजपा की 'गांधी विरोधी सोच' को दर्शाता है। पहले 'राइट टू वर्क' और 'राइट टू वेजेस' जैसी गारंटी के तहत करोड़ों रुपये का काम हुआ, जिससे लाखों मजदूरों को लाभ मिला। नई योजना से भूमिहीन मजदूरों और जरूरतमंदों के साथ धोखा हुआ है।
नोएडा में 27 वर्षीय युवक की गड्ढे में गिरकर मौत के मामले पर तिवारी ने इसे सरकार और नोएडा प्राधिकरण की विफलता बताया। उन्होंने कहा कि सड़क से संकेत हटे हुए थे, गड्ढों की शिकायत पहले ही की जा चुकी थी, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। युवक मदद के लिए चीखता रहा, अपने पिता को पुकारता रहा, लेकिन सिस्टम उसे बचा नहीं पाया।