जेपी नड्डा का बयान: पीएम मोदी के कार्यकाल में विपक्ष की ओछी राजनीति असंभव
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में विपक्ष की असफलता।
- विपक्ष की राजनीति पर जेपी नड्डा की कड़ी टिप्पणी।
- विपक्ष के वॉकआउट का मुद्दा।
नई दिल्ली, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के भाषण के दौरान राज्यसभा में विपक्ष के वॉकआउट पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल अपनी ओछी राजनीति को आगे बढ़ाने में व्यस्त है, लेकिन उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में उनकी सफलता असंभव है और सदन में उनकी संख्या धीरे-धीरे घटती जाएगी।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सदन में विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा, "मुझे दुख के साथ कहना पड़ता है कि विपक्ष का व्यवहार अत्यंत गैर-जिम्मेदार और निंदनीय है। उनकी रुचि न तो देश के मामलों में है और न ही चर्चा में, उनकी केवल रुचि हुड़दंग करने में है।" नेता प्रतिपक्ष को सदन में बोलने का अवसर मिला, लेकिन उन्होंने मूल मुद्दे से भटककर संघर्ष पर चर्चा आरंभ की। उन्हें पता था कि विदेश मंत्री को जवाब देना है, फिर भी उनकी रुचि कभी भी सार्थक चर्चा में नहीं रही।
उदाहरण देते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष ने एसआईआर के संबंध में बहुत हंगामा किया। सदन में इस पर चर्चा हुई और लगभग 18 घंटे तक चली, लेकिन जब सत्ता पक्ष की ओर से उत्तर देने का समय आया, तो विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया। इसी तरह, स्पेस प्रोग्राम पर चर्चा के दौरान भी विपक्ष ने कोई भाग नहीं लिया।
जेपी नड्डा ने अपनी बात जारी रखते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' का उदाहरण दिया और कहा, "विपक्ष ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर भी बहुत हंगामा किया। सदन में 16 घंटे चर्चा हुई, लेकिन जब गृह मंत्री का जवाब देने का समय आया तो विपक्ष वॉकआउट कर गया। यही इस विपक्ष का रिकॉर्ड है। वक्फ बिल पर जेपीसी की रिपोर्ट पेश करने पर भी विपक्ष ने वॉकआउट किया। यह दर्शाता है कि उन्हें देशहित में होने वाले कार्यों में कोई रुचि नहीं है।"
इससे पहले, सदन में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हम इस समय भारतीय नागरिकों का समर्थन करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैं। लगभग 67,000 नागरिकों की सुरक्षित वापसी हुई है और आगे भी पश्चिमी एशिया से लोगों को वापस लाने की पूरी कोशिश की जा रही है।