क्या राहुल गांधी का राम मंदिर जाना कांग्रेस के लिए इतिहास के पन्नों पर एक कलंक है?
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी का राम मंदिर जाना चुनावी रणनीति है।
- भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की सुरक्षा पर चिंता।
- केंद्र सरकार की निर्णय प्रक्रिया की सराहना।
- राजनीतिक बयानबाजी का धार्मिक भावनाओं पर प्रभाव।
नई दिल्ली, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के राम मंदिर जाने की अटकलों पर भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाया था। इतिहास कभी भी कांग्रेस को माफ नहीं करेगा।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में प्रवीण खंडेलवाल ने उल्लेख किया कि राम मंदिर अब तैयार हो चुका है और काफी समय हो गया है। इतिहास कभी भी नहीं भूलेगा कि कांग्रेस और उसके वकील राम मंदिर के खिलाफ खड़े थे और भगवान राम की पहचान पर सवाल उठाते थे। यदि राहुल गांधी अब वोटों के लिए राम मंदिर जा रहे हैं, तो इस देश के लोग उतने भी भोले नहीं हैं जितना वे सोचते हैं। यह पूरी तरह से वोट की राजनीति है। हम सभी ने देखा है कि राहुल गांधी का क्या व्यवहार होता है।
बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की हत्या पर प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि बांग्लादेश में स्थिति वास्तव में चिंताजनक है और भारत सरकार सभी घटनाओं से पूरी तरह वाकिफ है। सरकार आवश्यक कदम उठा रही है।
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के बयान पर प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि मणिशंकर अय्यर को समझ नहीं आ रहा कि वे क्या कह रहे हैं। मुझे लगता है कि अब उनके व्यवहार में उम्र का असर साफ दिख रहा है। भगवान राम भारत में नहीं पूजे जाएंगे तो कहां पूजे जाएंगे? वे हमारे आराध्य देव हैं। इस नाते हर भारतीय भगवान राम का अनुयायी है। मणिशंकर अय्यर को इसे नहीं भूलना चाहिए।
असम के मुख्यमंत्री के बयान पर प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि जो कुछ उन्होंने कहा, वह सही है। राहुल गांधी का उद्देश्य 'मेड इन गांधी परिवार' है। गांधी परिवार का वर्चस्व कैसे बना रहेगा, इसका कांग्रेस के संगठन से कोई लेना-देना नहीं है। हिमंत बिस्वा सरमा ने सही कहा कि राहुल गांधी हमारे ब्रांड एंबेसडर हैं।
केंद्र सरकार की प्रशंसा करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि मैं केंद्र सरकार की सराहना करता हूं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना करता हूं कि इस फैसले से डिलीवरी बॉय जो मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से जूझ रहे थे, उन्हें राहत मिलेगी। यह मुद्दा सबसे पहले हमारी ओर से उठाया गया था। सरकार ने हमारी बातों को गंभीरता से लिया और जो फैसला लिया है, हम उसके लिए सरकार की सराहना करते हैं।