राहुल गांधी: आरएसएस और भाजपा का लक्ष्य संविधान को कमजोर करना है
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी ने 'रन फॉर अंबेडकर, रन फॉर कॉन्स्टिट्यूशन' मैराथन का उद्घाटन किया।
- इसका उद्देश्य युवाओं को संविधान के प्रति जागरूक करना है।
- गांधी ने आरएसएस और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- संविधान की सुरक्षा और सशक्तिकरण का संदेश फैलाना आवश्यक है।
नई दिल्ली, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को 'रन फॉर अंबेडकर, रन फॉर कॉन्स्टिट्यूशन' मैराथन का उद्घाटन किया।
यह मैराथन कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग द्वारा आयोजित की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान और उनकी विचारधारा के प्रति जागरूक करना है।
इस अवसर पर, राहुल गांधी ने कहा कि आज हम बीआर अंबेडकर को सम्मानित कर रहे हैं। उनका संदेश ही संविधान का संदेश था और यही संविधान हमारे लोकतंत्र की आधारशिला है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि आरएसएस और भाजपा की विचारधारा से जुड़े कुछ लोग अंबेडकर की सोच और भारतीय संविधान को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इनका उद्देश्य संविधान को कमजोर करना है क्योंकि वे नहीं चाहते कि देश के सभी नागरिकों को समानता का अधिकार मिले। यह विचारधारा समानता के खिलाफ है और संविधान की मूल भावना को नुकसान पहुंचाने के लिए प्रयासरत है।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि उनका लक्ष्य संविधान की रक्षा करना, उसे और अधिक सशक्त बनाना और देश के हर क्षेत्र में इसकी सोच एवं सुरक्षा का विस्तार करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत के हर कोने में संविधान की भावना को फैलाना बेहद आवश्यक है, ताकि लोगों के अधिकारों की रक्षा हो सके।
इसी विचार के अंतर्गत इस मैराथन का आयोजन किया गया ताकि विशेषकर युवा पीढ़ी संविधान के महत्व को समझे और उसे सशक्त बनाने में अपनी भूमिका निभाए।
कांग्रेस ने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट भी साझा किया, जिसमें लिखा गया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 'रन फॉर अंबेडकर, रन फॉर कॉन्स्टिट्यूशन' मैराथन को हरी झंडी दिखाकर आरंभ किया। इस मैराथन का उद्देश्य युवाओं को बाबा साहेब के संविधान और उनकी सोच के प्रति जागरूक करना है।