क्या 'वोटर अधिकार यात्रा' में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के साथ विपक्षी दलों के नेता जुड़ेंगे?

सारांश
Key Takeaways
- वोटर अधिकार यात्रा का उद्देश्य मतदाता अधिकारों की रक्षा करना है।
- 27 अगस्त को एमके स्टालिन और कनिमोझी शामिल होंगे।
- यात्रा 16 दिन में 20 जिलों से होकर गुजरेगी।
- राहुल गांधी का उद्देश्य लोगों से संवाद करना है।
- इस यात्रा में तेजस्वी यादव भी शामिल हैं।
चेन्नई, 25 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में बिहार में 'वोटर अधिकार यात्रा' का आयोजन चल रहा है। कांग्रेस का दावा है कि लोग इस यात्रा से जुड़ रहे हैं। अब इस यात्रा में विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता भी भाग लेंगे। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और डीएमके की नेता कनिमोझी करुणानिधि 27 अगस्त को इस यात्रा में शामिल होने की संभावना है।
राहुल गांधी ने इस यात्रा की शुरुआत बिहार के सासाराम से की थी। 'वोटर अधिकार यात्रा' का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और 'वोट चोरी' के प्रयासों का विरोध करना है।
खबरों के अनुसार, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और डीएमके की कनिमोझी 27 अगस्त को राहुल गांधी के साथ नजर आ सकते हैं।
इस यात्रा के माध्यम से राहुल गांधी लगातार लोगों से संवाद कर रहे हैं। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि वह लोगों के संवैधानिक अधिकार को छीनने नहीं देंगे। इस यात्रा में उनके साथ राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव भी हैं।
पूर्णिया में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान सीमांचल के पूर्णिया की सड़कों पर उत्साह दिखा। राहुल गांधी ने यात्रा के आठवें दिन की शुरुआत बाइक चलाकर की। यह यात्रा खुश्कीबाग से निकलकर लाइन बाजार, पंचमुखी मंदिर, रामबाग और सिटी इलाके से गुजरते हुए कसबा और अररिया तक पहुँची।
राहुल गांधी यात्रा के ठहराव के दौरान मीडिया से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा में अब तक हजारों ऐसे लोगों से मिले हैं जिनके नाम एसआईआर में वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। इनमें से अधिकांश गरीब, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक, किसान और मजदूर हैं। यह स्पष्ट है कि चुनाव आयोग और भाजपा मिलकर विपक्ष के वोट मिटा रहे हैं।
यह ध्यान देने योग्य है कि राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा 17 अगस्त को बिहार के सासाराम से शुरू हुई थी। इस यात्रा में इंडिया ब्लॉक के अंतर्गत राजद के नेता तेजस्वी यादव सहित अन्य घटक दलों के सभी नेता भी शामिल हैं। यह यात्रा लगभग 16 दिनों में 20 जिलों से होकर गुजरेगी और 1,300 किलोमीटर का सफर पूरा करेगी। 1 सितंबर को पटना में एक बड़ी रैली के साथ यात्रा का समापन होगा।