राजस्थान: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए 1.22 लाख यूनिफॉर्म के लिए 1,000 रुपए का ट्रांसफर
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री ने 1.22 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 1,000 रुपए का ट्रांसफर किया।
- यह राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी गई है।
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
- महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं लागू हैं।
- आंगनवाड़ी भवनों का नवीनीकरण और स्मार्टफोन वितरण किया जा रहा है।
जयपुर, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पहल का ऐलान किया। इसके अंतर्गत, उन्होंने 1.22 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे 1,000 रुपए (प्रत्येक को) भेजने की प्रक्रिया शुरू की। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से वितरित की गई है।
यह ट्रांसफर मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाडो प्रोत्साहन योजना और कालीबाई भील योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को चेक भी प्रदान किए।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता छोटे बच्चों के पालन-पोषण और राष्ट्र की नींव को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले दो वर्षों में आंगनवाड़ी सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसके साथ ही, उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मिड-डे मील बनाने वाली रसोइयों के मानदेय में 10 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। अमृत आहार योजना के तहत 3 से 6 साल के बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों पर सप्ताह में पांच दिन गर्म दूध दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आंगनवाड़ी भवनों का नवीनीकरण जारी है, कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों को स्मार्टफोन दिए गए हैं और जल्द ही मुफ्त आंखों की जांच के साथ चश्मे भी वितरित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से 19 मार्च से 15 मई तक चलने वाले 'मुख्यमंत्री विकसित गांव-वार्ड अभियान' के लिए सुझाव देने का आग्रह किया। उनका उद्देश्य स्थानीय जरूरतों के आधार पर सभी ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों के लिए एक विकास योजना तैयार करना है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के विजन के अनुरूप हो।
सीएम शर्मा ने दोहराया कि प्रदेश और राष्ट्र का विकास महिलाओं के सशक्तिकरण से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि 'लखपति दीदी' योजना के तहत 16 लाख से ज्यादा महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं और सरकार ने मौजूदा बजट में ऋण सीमा को 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपए करने का प्रस्ताव रखा है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पशुपालन से जुड़ी महिलाओं को दूध पर 5 रुपए प्रति लीटर की सब्सिडी मिल रही है, जबकि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और 'मां वाउचर योजना' जैसी योजनाएं महिलाओं के कल्याण में निरंतर सहयोग कर रही हैं।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की बच्चों के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 'लखपति दीदी', 'सोलर दीदी' और 'बैंक सखी' जैसी पहल महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की शिक्षा, कौशल विकास और सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है।
इस कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए वार्षिक गतिविधि कैलेंडर का भी अनावरण किया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री मंजू बाघमार, विभाग की सचिव पूनम, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा सहायिकाएं उपस्थित थीं।