राजस्थान: बाड़मेर में अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी रैकेट का भंडाफोड़, पाकिस्तान से जुड़े तार
सारांश
Key Takeaways
- बाड़मेर में एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
- दो तस्कर सलमान खान और शंकर राम को गिरफ्तार किया गया है।
- पाकिस्तानी हैंडलर मसाद का नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका है।
- यह नेटवर्क कई सालों से सक्रिय है और विभिन्न स्थानों पर तस्करी करता है।
- पुलिस और एटीएस ने संयुक्त रूप से छापेमारी की है।
जयपुर, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) और बाड़मेर पुलिस के संयुक्त अभियान में पकड़े गए दो तस्करों, सलमान खान और शंकर राम, ने पूछताछ में एक गुप्त अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया है।
मुख्य आरोपी सलमान खान ने खुलासा किया कि वह पिछले छह महीनों से पाकिस्तान के हैंडलर मसाद के संपर्क में था, जो निमला गांव का निवासी है।
यह संबंध रहीम खान के माध्यम से बना, जो सलमान के गांव का ही है और मसाद का रिश्तेदार बताया जा रहा है।
सलमान की आर्थिक समस्याओं का फायदा उठाकर पाकिस्तान के हैंडलर ने उसे ड्रग तस्करी में शामिल किया। उसे अधिक पैसे का लालच देकर ‘डेड ड्रॉप’ तकनीक से धंधे में शामिल किया गया।
राजस्थान के एडीजी (क्राइम) दिनेश एम.एन. ने बताया कि यह पूरा नेटवर्क डिजिटल और लोकेशन के माध्यम से संचालित होता था।
पाकिस्तानी हैंडलर व्हाट्सऐप कॉल के जरिए जीपीएस लोकेशन भेजता था और सलमान को विशेष स्थानों पर भेजता था, जो अक्सर बॉर्डर के निकट सुनसान क्षेत्रों में होते थे।
सलमान वहां जमीन में दबे ड्रग्स के पैकेट निकालता था।
पैसों का लेन-देन भी इसी प्रकार होता था, या तो उसे बैंक में पैसे भेजे जाते थे या फिर जमीन में छुपाए जाते थे, जिसकी लोकेशन बाद में दी जाती थी।
पूछताछ में सलमान ने बताया कि चार अप्रैल को उसने बॉर्डर से करीब 250 मीटर दूर एक जगह से पांच ड्रग्स के पैकेट निकाले थे, जो पीले प्लास्टिक बैग में दबाए गए थे।
उसने यह भी कबूल किया कि पहले भी वह एक पैकेट, जो महीनों पहले दबाया गया था, दूसरी जगह पहुंचा चुका है। इसके बदले उसे अलग जगह पर छुपाए गए पैसों के रूप में अच्छा इनाम मिला था।
जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क कई सालों से चल रहा है। 5-6 साल पहले भी बाड़मेर के सीमावर्ती गांवों में ऐसी तस्करी की गतिविधियां देखी गई थीं।
यह पूरा ऑपरेशन गुप्त तरीके से चलता था, जिसमें शामिल लोग एक-दूसरे की पहचान नहीं जानते थे, और हर कार्य के बाद चैट और लोकेशन जैसी जानकारी डिलीट कर दी जाती थी।
फिलहाल, पुलिस सलमान के मोबाइल डेटा, व्हाट्सऐप चैट और पैसों के लेन-देन की जांच कर रही है।
रहीम खान की खोज जारी है और पूरे नेटवर्क को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
एडीजी दिनेश एम.एन. ने यह भी बताया कि यह नेटवर्क न केवल ड्रग्स के लिए, बल्कि विस्फोटक और अवैध हथियारों की तस्करी के लिए भी सक्रिय था।
इन खुलासों के बाद राजस्थान एटीएस, एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ), बाड़मेर पुलिस और कई खुफिया एजेंसियों को सतर्क किया गया है।
इनपुट मिलने के बाद संयुक्त टीमों ने बाड़मेर जिले में कई स्थानों पर छापे मारे हैं और कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
अब एजेंसियां उन स्थानों की भी तलाश कर रही हैं जहां हथियार या विस्फोटक छुपाए गए हो सकते हैं।
मोबाइल डेटा और डिजिटल जानकारी के आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों और बड़े खुलासों की उम्मीद की जा रही है।