क्या बिहार में राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से बदलेंगे समीकरण?
सारांश
Key Takeaways
- राजद ने २५ जनवरी को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है।
- बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।
- तेजस्वी यादव को नई जिम्मेदारी दी जा सकती है।
- जदयू ने राजद की बैठकों पर तंज कसा है।
- राजद के कई विधायक एनडीए के संपर्क में हैं।
पटना, १८ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राजद के नेता तेजस्वी यादव के पटना लौटने के बाद पार्टी के भीतर बैठकों का क्रम जारी है। बिहार विधानसभा चुनाव में मिली भारी हार पर गहन विचार-विमर्श हो रहा है। इसी के चलते, पार्टी ने २५ जनवरी को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं, जिसमें कुछ नेताओं को नई जिम्मेदारियां भी सौंपी जा सकती हैं। चर्चा है कि राजद के प्रमुख लालू यादव के स्वास्थ्य के कारण तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा सकता है। हालाँकि, पार्टी के नेता इस बारे में खुलकर कुछ नहीं कह रहे हैं। बैठक में विधानसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ कार्य करने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई पर सहमति बनाने की संभावना है।
इसी बीच, राजद की बैठकों को लेकर जदयू ने तीखा तंज कसा है। जदयू नेता अभिषेक झा ने कहा कि विपक्ष के नेता अपनी भूमिका को नहीं समझते हैं। चुनाव में हार-जीत होती रहती है और यही लोकतंत्र की खूबसूरती है।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें सकारात्मक विपक्ष के रूप में सरकार की नीतियों की खामियों को उजागर करते हुए जनता की आवाज बनना चाहिए था, लेकिन वे तो बाहर घूमने चले गए। उन्होंने यह भी दावा किया कि राजद के कई विधायक एनडीए के संपर्क में हैं।
यह उल्लेखनीय है कि शनिवार को तेजस्वी यादव ने राजद के विधायकों, चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों सहित अन्य नेताओं के साथ बैठक की थी, जबकि शुक्रवार को उन्होंने सांसदों के साथ विचार-विमर्श किया था। राजद नेता जल्द ही बिहार की यात्रा पर भी जाने वाले हैं।