क्या राजीव रंजन ने तेजस्वी पर तंज कसा? बेरोजगारी की संभावना दिखने पर नेता बन जाते हैं 'भविष्यवक्ता'
सारांश
मुख्य बातें
पटना, 12 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) नेता राजीव रंजन ने यह दावा किया है कि एनडीए में सीट शेयरिंग को लेकर सब कुछ सही चल रहा है और इसकी योजना भी तैयार हो चुकी है। उन्होंने महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर चल रही हलचल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वहां स्थिति काफी कोहराम की है।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में राजीव रंजन ने कहा कि एनडीए में सीट बंटवारे पर लगभग सहमति बन चुकी है और कुछ ही घंटों में तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने कहा कि हमें इस मामले में कोई असमंजस नहीं है।
सभी दल ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने के लिए प्रयासरत हैं, यह सामान्य है और इसमें कुछ अप्रत्याशित नहीं है। एनडीए की जीत पूरी तरह से सुनिश्चित है। शीघ्र ही सीट शेयरिंग की सूची आपके सामने होगी।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव के विलय संबंधी बयान पर जदयू नेता ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अगर तेजस्वी अब भविष्यवक्ता बन गए हैं, तो मुझे लगता है कि चुनाव के बाद उन्हें ख़ाली समय मिलेगा। हर राजनेता, जिसे बेरोजगारी की आशंका होती है, वह वैकल्पिक क्षेत्र की तलाश करता है। शायद उन्होंने ऐसा कर लिया है।
पार्टी के समर्पण का जिक्र करते हुए राजीव रंजन ने कहा कि जदयू उन मूल्यों के लिए जानी जाती है, जिन्हें नीतीश कुमार ने पिछले 20 वर्षों में गठबंधन राजनीति के माध्यम से निभाया है। हमारी पार्टी बिहार में सबसे बड़े दल के रूप में स्थापित है और हमारे पास सबसे अधिक कार्यकर्ता हैं। जनता नीतीश कुमार के साथ है। तेजस्वी के इस प्रकार के बयानों पर हंसी आती है। उन्हें इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए।
उन्होंने राहुल गांधी सहित इंडी अलायंस पर भी तंज कसा, यह कहते हुए कि राहुल को पता है कि महागठबंधन की सरकार नहीं बनेगी। नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में एनडीए की सरकार बनेगी। तेजस्वी काल्पनिक सरकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जनता के दरबार में उनकी बात नहीं चलेगी। कोई डिप्टी सीएम बनने का दावेदार बन रहा है, लेकिन जिस सरकार के बनने की संभावना नहीं है, उसके लिए प्रयास करना बेकार है।
ऑपरेशन ब्लू स्टार पर कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के बयान पर उन्होंने कहा कि यह एक दुखद और काला अध्याय है। यह एक अपरिपक्व निर्णय था, जिसके परिणाम बेहद दुर्भाग्यपूर्ण थे। यह याद रखना चाहिए कि भिंडरावाले जैसे नेताओं को पंजाब की राजनीति में मजबूत करने का काम कांग्रेस ने किया था। कई बार ऐसे निर्णय आत्मघाती सिद्ध होते हैं। फिर भी, देश हमेशा इंदिरा गांधी की शहादत को याद करेगा। वे एक पराक्रमी महिला थीं, लेकिन कुछ गलत निर्णयों के कारण समाज में दूरियां बढ़ीं।