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क्या राज्यसभा में एसआईआर पर चर्चा को लेकर भारी हंगामा हुआ?

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क्या राज्यसभा में एसआईआर पर चर्चा को लेकर भारी हंगामा हुआ?

सारांश

राज्यसभा में एसआईआर मुद्दे को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया, जिससे सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। यह घटना संसदीय प्रक्रिया में गंभीरता को दर्शाती है। जानिए इस मामले की पूरी जानकारी।

मुख्य बातें

राज्यसभा में एसआईआर मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा।
सदन की कार्यवाही २ बजे तक स्थगित।
मल्लिकार्जुन खड़गे की गंभीर स्थिति पर चिंता।
सभापति ने सदन की व्यवस्था पर जोर दिया।
सरकार द्वारा विपक्ष से संवाद का आश्वासन।

नई दिल्ली, २ दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। मंगलवार को राज्यसभा में एक बड़ा हंगामा हुआ। विपक्षी दलों ने एसआईआर के मुद्दे पर तात्कालिक चर्चा कराने की जोरदार मांग की। इस मांग को लेकर विपक्ष ने सदन में काफी विरोध किया और तेज नारेबाजी की।

विपक्ष के इस हंगामे के बीच कुछ समय के लिए सदन की कार्यवाही चली, लेकिन जब हंगामा बढ़ता गया, तो सभापति ने सदन को २ बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। दरअसल, विपक्ष के कई सदस्यों ने नियम २६७ के तहत चर्चा के लिए नोटिस दिया था।

सदन में बोलते हुए राज्यसभा के विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कई सदस्यों ने नियम २६७ के तहत नोटिस दिया है। संसदीय परंपरा के अनुसार, नोटिस देने वाले सदस्यों के नाम और मुद्दों को सदन में प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम एसआईआर पर गंभीर चर्चा चाहते हैं। लोग मर रहे हैं, स्थिति गंभीर है।

खड़गे ने बताया कि लगभग २८ लोगों की मौत हो चुकी है। यह अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। सदन में इस विषय पर तुरंत चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने राज्यसभा के सभापति से अनुरोध किया कि लोकतंत्र, जनता और देशहित में इस विषय पर तुरंत चर्चा की अनुमति दी जाए।

वहीं, सदन में हो रहे हंगामे पर राज्यसभा के सभापति ने कहा कि जब तक सदन व्यवस्थित नहीं होगा, तब तक वे सभी सदस्यों को नहीं सुन सकते। उन्होंने कहा कि खड़गे द्वारा उठाए गए मुद्दों पर उन्होंने तुरंत संसदीय कार्य मंत्री से प्रतिक्रिया मांगी थी और मंत्री ने सकारात्मक जवाब देते हुए समय मांगा है।

सभापति ने नेता प्रतिपक्ष से कहा, “कल भी संसदीय कार्य मंत्री ने आपकी मांग पर सकारात्मक रुख अपनाया था, इसलिए हमें उन्हें कुछ समय देना चाहिए।”

वहीं विपक्ष की इस मांग पर संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि वे विपक्ष के नेताओं से औपचारिक और अनौपचारिक दोनों तरीकों से बातचीत करेंगे। उन्होंने बताया कि समस्या तब उत्पन्न होती है जब समय सीमा निर्धारित की जाती है। लोकतंत्र में संवाद आवश्यक है। देश में कई मुद्दे हैं और सभी महत्वपूर्ण हैं। इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष से सहयोग की अपील की।

सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने भी कहा कि विपक्ष ने चर्चा की मांग रखी है और संसदीय कार्य मंत्री ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही विपक्षी नेताओं के साथ बैठक होगी। वहीं सदन में विपक्षी सांसद एसआईआर के मुद्दे पर तात्कालिक चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी करते रहे और सदन में इस विषय पर शोरगुल जारी रहा। अंततः हंगामे के चलते सभापति ने सदन को दोपहर २ बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यह आवश्यक है कि सरकार इस पर तुरंत ध्यान दे। हमें एक मजबूत लोकतंत्र की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है, जहां संवाद के लिए स्थान हो।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राज्यसभा में हंगामे का मुख्य कारण क्या था?
हंगामे का मुख्य कारण विपक्ष की एसआईआर मुद्दे पर तात्कालिक चर्चा कराने की मांग थी।
एसआईआर मुद्दे पर विपक्ष ने क्या कहा?
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि स्थिति गंभीर है और इस पर तुरंत चर्चा होनी चाहिए।
सदन की कार्यवाही कब स्थगित की गई?
सदन की कार्यवाही २ बजे तक के लिए स्थगित की गई।
राज्यसभा के सभापति ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
सभापति ने कहा कि जब तक सदन व्यवस्थित नहीं होगा, तब तक वे सभी सदस्यों को नहीं सुन सकते।
क्या विपक्ष और सरकार के बीच संवाद होगा?
किरन रिजिजू ने कहा कि वे विपक्ष के नेताओं से बातचीत करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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