क्या रांची में अवैध आर्म्स की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ?

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क्या रांची में अवैध आर्म्स की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ?

सारांश

रांची में पुलिस ने एक बड़ी छापेमारी में अवैध हथियारों का एक बड़ा जाल पकड़ा है, जिसमें पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। क्या यह कार्रवाई रांची में अपराध को रोकने में सहायक होगी? जानिए पूरी जानकारी इस रिपोर्ट में!

Key Takeaways

  • रांची में अवैध हथियारों का बड़ा जाल पकड़ा गया।
  • पांच अभियुक्त गिरफ्तार हुए।
  • 110 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
  • मुख्य आरोपी के खिलाफ पहले से मामले दर्ज हैं।
  • पुलिस ने गंभीर कार्रवाई की है।

रांची, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। रांची पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी और आपूर्ति के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। गुप्त सूचना के आधार पर शहर के हिन्दपीढ़ी, पुंदाग, सदर और सुखदेवनगर थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर पुलिस ने पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार करते हुए भारी मात्रा में अवैध हथियार और कुल 110 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, 10 जनवरी की रात करीब 10 बजे एसएसपी को सूचना मिली थी कि हिन्दपीढ़ी थाना क्षेत्र के बड़ी मस्जिद लेन रोड में कुछ अपराधकर्मी अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री करने वाले हैं। सूचना के आलोक में पुलिस अधीक्षक नगर, रांची के नियंत्रण में पुलिस उपाधीक्षक कोतवाली एवं सदर के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम गठित की गई। रात करीब 11:20 बजे टीम बड़ी मस्जिद लेन रोड पहुंची।

पुलिस को अपनी ओर आता देख एक व्यक्ति भागने का प्रयास करने लगा, जिसे घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। पकड़े गए व्यक्ति ने पूछताछ में अपना नाम मोहम्मद कबीर उर्फ बबलू उर्फ बोना बताया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक 9 एमएम पिस्टल, दो मैगजीन और 20 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

पूछताछ में मोहम्मद कबीर ने खुलासा किया कि वह अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर बिहार के कैमूर और मुंगेर जिलों से अवैध हथियार मंगाकर रांची समेत आसपास के क्षेत्रों में अपराधियों को बेचता है। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने अलग–अलग थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें शाहनवाज आलम (नामकुम), मोहम्मद सैफ उर्फ शेरा (सदर), अनुज ठाकुर (सुखदेवनगर) और अंकित कुमार (कैमूर, बिहार) शामिल हैं।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक फैक्ट्री मेड पिस्टल, तीन देशी कट्टे, एक छह चक्रिय देशी रिवॉल्वर और विभिन्न कैलिबर के कुल 110 जिंदा कारतूस बरामद किए। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से हथियारों की तस्करी और अवैध बिक्री के धंधे में संलिप्त हैं।

पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी मोहम्मद कबीर उर्फ बोना के खिलाफ पहले से भी हिन्दपीढ़ी और डेलीमार्केट थाना में आर्म्स एक्ट सहित गंभीर धाराओं में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। सभी आरोपियों के विरुद्ध संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

Point of View

बल्कि पूरे देश के लिए चिंता का विषय है। पुलिस की इस कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि प्रशासन इस दिशा में गंभीर है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठा रहा है।
NationPress
11/01/2026

Frequently Asked Questions

रांची में हथियारों की तस्करी का मामला कब सामने आया?
यह मामला 10 जनवरी की रात सामने आया जब पुलिस को गुप्त सूचना मिली।
गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या क्या है?
पुलिस ने इस मामले में कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
बरामद किए गए हथियारों की संख्या क्या है?
पुलिस ने इस छापेमारी में कुल 110 जिंदा कारतूस और कई अवैध हथियार बरामद किए हैं।
मुख्य आरोपी के खिलाफ पहले से क्या मामले दर्ज हैं?
मुख्य आरोपी मोहम्मद कबीर के खिलाफ पहले से विभिन्न थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस की अगली कार्रवाई क्या होगी?
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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