राशिद अल्वी का बयान: पाकिस्तान ने किया वो, जो भारत को करना चाहिए था

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राशिद अल्वी का बयान: पाकिस्तान ने किया वो, जो भारत को करना चाहिए था

सारांश

कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने पाकिस्तान की प्रशंसा करते हुए कहा कि जो कार्य भारत सरकार को करना चाहिए था, वह पाकिस्तान ने प्रभावी ढंग से किया है। यह सीजफायर अमेरिका और ईरान के बीच हुआ है, जिसमें भारत की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।

Key Takeaways

  • राशिद अल्वी ने पाकिस्तान की प्रशंसा की।
  • भारत की विदेश नीति पर गंभीर सवाल उठाए गए।
  • ईरान ने अमेरिका को युद्ध में पराजित किया।
  • सीजफायर का श्रेय पाकिस्तान को मिला।
  • सऊदी अरब के साथ युद्ध की संभावना का संकेत दिया गया।

नई दिल्ली, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों के सीजफायर पर सहमति बनने के बाद कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने पाकिस्तान की सराहना की। उन्होंने कहा कि जो कार्य भारत सरकार को करना चाहिए था, वह पाकिस्तान ने करके दिखाया है।

नई दिल्ली में राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि युद्ध पर पूरी दुनिया की नजरें थीं। सभी चाहते थे कि युद्ध विराम हो। पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के प्रयासों से अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर संभव हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि जो कार्य भारत सरकार को करना चाहिए था, वह पाकिस्तान ने सफलतापूर्वक किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत सरकार की विदेश नीति सबसे ज्यादा विफल रही है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि सीजफायर का श्रेय पाकिस्तान को मिल रहा है, जबकि यह श्रेय भारत को मिलना चाहिए था।

ईरान की प्रशंसा करते हुए अल्वी ने कहा कि युद्ध के दौरान ईरान ने जीत हासिल की जबकि अमेरिका हार गया। एक ताकतवर देश को ईरान ने सबक सिखाया है। 10 पॉइंट पर बातचीत का मतलब है कि अमेरिका ने हार मान ली है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आगे कोई युद्ध न हो और हॉर्मुज पर ईरान का नियंत्रण बना रहे।

सीजफायर का उल्लेख करते हुए अल्वी ने पूछा कि इसमें अमेरिका के लिए कौन सी बात फायदेमंद है। उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर को सलाम करते हुए कहा कि ईरान ने अपना कमिटमेंट बनाए रखा और अमेरिका-इजरायल को झुका दिया है।

अल्वी ने कहा कि इजरायल अमेरिका की इच्छा के बिना कोई भी कदम नहीं उठा सकता। यह सीजफायर केवल अमेरिका के साथ नहीं हुआ, बल्कि इजरायल के साथ भी हुआ है। अगर इजरायल कोई भी गलत कदम उठाता है, तो ईरान तैयार है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने कहा था कि अगर जरूरत पड़ी, तो वह सऊदी अरब की सेना के साथ मिलकर युद्ध करेगा। राशिद अल्वी ने इसे भारत की कूटनीति की विफलता बताया है। साथ ही कहा कि हमारे संबंध गल्फ देशों के साथ पहले जैसे नहीं रहेंगे। गल्फ देशों को भी पता है कि भारत सरकार ने सही समय पर स्टैंड नहीं लिया।

Point of View

बल्कि पाकिस्तान की कूटनीतिक सक्रियता को भी दर्शाता है। राशिद अल्वी का बयान इस बात की पुष्टि करता है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए भारत को अपनी रणनीतियों पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है।
NationPress
08/04/2026

Frequently Asked Questions

राशिद अल्वी ने पाकिस्तान की तारीफ क्यों की?
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने वह कार्य किया जो भारत सरकार को करना चाहिए था, विशेषकर अमेरिका-ईरान सीजफायर के संदर्भ में।
सीजफायर का श्रेय किसे दिया गया है?
राशिद अल्वी के अनुसार, सीजफायर का श्रेय पाकिस्तान को जा रहा है, जबकि भारत को यह श्रेय मिलना चाहिए था।
ईरान की स्थिति क्या है?
राशिद अल्वी ने कहा कि ईरान ने युद्ध में जीत हासिल की है और अमेरिका को सबक सिखाया है।
भारत की विदेश नीति पर क्या सवाल उठाए गए हैं?
अल्वी ने आरोप लगाया कि भारत सरकार की विदेश नीति सबसे ज्यादा विफल रही है।
क्या पाकिस्तान युद्ध में शामिल होगा?
राशिद अल्वी ने कहा कि पाकिस्तान ने जरूरत पड़ने पर सऊदी अरब के साथ मिलकर लड़ाई लड़ने का संकेत दिया है.
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