क्या भाजपा ने राष्ट्रव्यापी प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोकतंत्र और राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर मुद्दे उठाए?
सारांश
Key Takeaways
- लोकतंत्र और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर भाजपा का ध्यान
- पश्चिम बंगाल में पत्रकारों पर हमले
- पंजाब में प्रेस की स्वतंत्रता का मुद्दा
- महिलाओं की गरिमा पर विवादास्पद टिप्पणियाँ
- भाजपा की लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए अपील
नई दिल्ली, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने देश के विभिन्न हिस्सों में 10 महत्वपूर्ण स्थलों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें लोकतंत्र, राष्ट्रीय सुरक्षा और महिलाओं की गरिमा से संबंधित गंभीर समस्याओं को उजागर किया गया। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने तीन मुख्य मुद्दों पर मीडिया को संबोधित किया। इनमें पश्चिम बंगाल में घुसपैठ और पत्रकारों पर हमले, पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा पंजाब केसरी कार्यालय पर की गई कथित छापेमारी, और मध्य प्रदेश में एक कांग्रेस विधायक द्वारा महिलाओं के प्रति की गई विवादास्पद टिप्पणी शामिल है।
पश्चिम बंगाल से संबंधित पहले मुद्दे में भाजपा ने बड़े पैमाने पर घुसपैठ, कानून-व्यवस्था के बिगड़ने और पत्रकारों पर हमलों का आरोप लगाया। भाजपा नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर तुष्टीकरण की राजनीति को बढ़ावा देने और चुनाव अधिकारियों, मीडियाकर्मियों और आम नागरिकों के लिए भय का माहौल बनाने का आरोप लगाया।
दूसरा मुद्दा पंजाब से जुड़ा था, जहां भाजपा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रभाव में चल रही आप सरकार पर मीडिया को निशाना बनाने का आरोप लगाया। पार्टी ने पंजाब केसरी कार्यालय पर कथित छापे और बिजली कटौती को प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला और आपातकाल की याद दिलाने वाला बताया।
तीसरा और अंतिम मुद्दा मध्य प्रदेश से संबंधित था, जहां एक कांग्रेस विधायक ने महिलाओं के बारे में बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की। भाजपा ने इस तरह की टिप्पणियों को शर्मनाक, महिला-विरोधी और मानवता-विरोधी करार देते हुए कांग्रेस नेतृत्व से संबंधित विधायक को निष्कासित करने की मांग की।
इन मुद्दों को जनता तक पहुँचाने के लिए भाजपा ने देश के विभिन्न भागों में वरिष्ठ राष्ट्रीय और राज्य नेताओं की अगुवाई में समन्वित प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कीं। इस क्रम में दिल्ली में राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद डॉ. संबित पात्रा, लखनऊ में डॉ. सुधांशु त्रिवेदी, मुंबई में प्रेम शुक्ला, हरियाणा में मोहन लाल बडोली, रायपुर में संतोष पांडे, दरभंगा में संजय सरावगी, जम्मू में सत शर्मा, धर्मशाला में राजीव बिंदल, गांधीनगर में जगदीश विश्वकर्मा, और कोलकाता में लॉकेट चटर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया।
इन प्रेस कॉन्फ्रेंसों के माध्यम से भाजपा ने लोकतंत्र, राष्ट्रीय अखंडता, प्रेस की स्वतंत्रता और महिलाओं की गरिमा एवं सुरक्षा के प्रति अपनी दृढ़ता का परिचय दिया। पार्टी ने कहा कि वह घुसपैठ, राज्य सरकारों द्वारा सत्ता के दुरुपयोग और संवैधानिक मूल्यों को कमजोर करने वाली किसी भी प्रकार की राजनीति के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी।
भाजपा ने पत्रकारों, नागरिक समाज और नागरिकों से लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए सतर्क और एकजुट रहने की अपील की और चेतावनी दी कि आज की चुप्पी कल और भी बड़े खतरों को जन्म दे सकती है।