क्या भारत दुनिया का सबसे जीवंत लोकतंत्र है? स्वतंत्रता सेनानियों को नमन: भजनलाल शर्मा

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क्या भारत दुनिया का सबसे जीवंत लोकतंत्र है? स्वतंत्रता सेनानियों को नमन: भजनलाल शर्मा

सारांश

गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तिरंगा फहराया और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने भारत के लोकतंत्र को दुनिया का सबसे जीवंत बताया और जयपुर में शहीदों की याद में कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर को भी प्रदर्शित किया गया। जानें इस महत्वपूर्ण दिन पर क्या हुआ।

मुख्य बातें

भारत का लोकतंत्र विश्व में सबसे जीवंत है।
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी।
राजस्थान की झांकी ने सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित किया।
गणतंत्र दिवस पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
इस दिन तिरंगा फहराया जाता है।

जयपुर, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गणतंत्र दिवस के अवसर पर सोमवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने सरकारी निवास पर तिरंगा फहराया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कंपनी कमांडर राजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी (आरएसी) की टुकड़ी को सलामी दी।

गणतंत्र दिवस पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों और भारतीय संविधान के निर्माताओं को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे जीवंत लोकतंत्र है और भारतीय संविधान सबसे बड़ा लिखित संविधान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के महान नेताओं ने भारत की आजादी के लिए बहुत बलिदान दिए। उनकी लगन और प्रतिबद्धता के कारण ही लोग एक लोकतांत्रिक देश की स्वतंत्रता का आनंद ले रहे हैं।

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री निवास के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने जयपुर में अमर ज्योति स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी और देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले योद्धाओं को याद किया।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पोस्ट में लिखा, "जयपुर स्थित 'अमर जवान ज्योति' पर वीर शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले हमारे माँ भारती के वीर सपूतों का बलिदान हमें सदैव देश सेवा की प्रेरणा देता रहेगा। अमर शहीदों की वीरता और शौर्य को कोटि-कोटि नमन।"

उन्होंने गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर दिखाई गई झांकी के बारे में भी एक पोस्ट साझा किया और कहा, "इस साल की गणतंत्र दिवस परेड में राजस्थान की शानदार झांकी, जिसकी थीम 'राजस्थान: रेगिस्तान का सुनहरा स्पर्श' थी, ने गर्व से राज्य की शाश्वत महिमा और सांस्कृतिक समृद्धि को प्रदर्शित किया।

बीकानेर की बेहतरीन उस्ता कला से लेकर रावणहत्था की दिल को छू लेने वाली धुनों तक, इस झांकी ने राजस्थान की मशहूर कारीगरी और खास परंपराओं का एक जीवंत संगम प्रस्तुत किया। राजस्थान के मुख्यमंत्री ने कहा कि यह झांकी 'विकसित राजस्थान' की ओर यात्रा का प्रतीक थी, जहां प्रगति राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और उत्सव के साथ-साथ आगे बढ़ती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिन्होंने हमें यह आज़ादी दिलाई। यह दिन हमें एकजुटता और समर्पण की याद दिलाता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गणतंत्र दिवस का क्या महत्व है?
गणतंत्र दिवस भारत के संविधान के लागू होने की सालगिरह है। यह दिन हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों और स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने का अवसर है।
मुख्यमंत्री ने किसको श्रद्धांजलि दी?
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
राजस्थान की झांकी का क्या थीम था?
इस साल की गणतंत्र दिवस परेड में राजस्थान की झांकी का थीम 'राजस्थान: रेगिस्तान का सुनहरा स्पर्श' था।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
उन्होंने भारत को दुनिया का सबसे जीवंत लोकतंत्र बताया और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया।
इस दिन किस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं?
गणतंत्र दिवस पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, परेड और शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है।
राष्ट्र प्रेस