साध्वी निरंजन ज्योति ने योगी सरकार की सराहना की, कहा- यूपी में कानून का राज है
सारांश
Key Takeaways
- कानून का राज: यूपी में कानून का राज कायम है।
- महिलाओं की भागीदारी: राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़नी चाहिए।
- संविधान का पालन: सभी नागरिकों को संविधान और कानून के तहत काम करना चाहिए।
लखनऊ, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस भाजपा सरकार पर लगातार हमलावर हैं, लेकिन राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने यह कहा है कि यूपी में कानून का राज कायम है। यहां न्याय के लिए किसी को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ता।
साध्वी निरंजन ज्योति ने योगी सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि यूपी में कई पार्टियों का शासन रहा है, लेकिन मैं यह कह सकती हूं कि योगी सरकार के तहत कानून का राज सच्चाई है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की दादरी रैली पर साध्वी ने कहा कि चुनाव आते हैं और हार-जीत होती रहती है, लेकिन मेरा मानना है कि समाज को बांटने का कार्य नहीं होना चाहिए। यह देश संविधान और कानून से चलता है।
बंगाल की टीएमसी सरकार पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि मैं उन्हें सलाह दूंगी कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए समाज को बांटना बंद करें। न्याय प्रक्रिया में बाधा डालना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वहां ओबीसी समाज के अधिकारों को छीनकर एक विशेष वर्ग को दिया गया है।
महिला आरक्षण विधेयक पर उन्होंने कहा कि यह मांग कई वर्षों से चल रही थी। 16 अप्रैल को विशेष सत्र बुलाकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम को संवैधानिक दर्जा दिया जा रहा है। मैं पीएम मोदी का आभार व्यक्त करती हूं।
उन्होंने कहा कि पहले हम लोगों ने देखा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुश्मन देश के खिलाफ भारत का नेतृत्व महिलाओं ने किया। मुझे लगता है कि राजनीति में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़नी चाहिए।
बंगाल में हुमायूं कबीर और ओवैसी के बयानों पर उन्होंने कहा कि मैं उनके बयानों को पूरी तरह से खारिज करती हूं। किसी भी महिला पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए और देश के हर नागरिक को संविधान और कानून के तहत काम करना चाहिए।
सीएम योगी पर असभ्य टिप्पणी करने वाले मौलवी पर साध्वी ने कहा कि किसी के प्रति अभद्र टिप्पणी करने का अधिकार संविधान नहीं देता। हमारी न्याय प्रणाली, हमारी मानवता ऐसा नहीं करती। मुझे लगता है कि उन्हें माफी मांगनी चाहिए।