17 अक्टूबर 2026
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सहारनपुर में ₹10 लाख की फर्जी लूट का भंडाफोड़, शिकायतकर्ता दीपक सैनी ही निकला मास्टरमाइंड

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सहारनपुर में ₹10 लाख की फर्जी लूट का भंडाफोड़, शिकायतकर्ता दीपक सैनी ही निकला मास्टरमाइंड

सारांश

सहारनपुर में ₹10 लाख की लूट की शिकायत खुद शिकायतकर्ता की ही साजिश निकली। कर्ज चुकाने के लिए दीपक सैनी ने फर्जी इमरजेंसी कॉल कर पुलिस को गुमराह किया, लेकिन पूरी रकम उन्हीं की गाड़ी से बरामद होते ही पूरा भंडाफोड़ हो गया।

मुख्य बातें

सहारनपुर के बेहट थाना क्षेत्र में 17 अक्टूबर 2026 को ₹10.10 लाख की फर्जी लूट का भंडाफोड़ हुआ।
शिकायतकर्ता दीपक सैनी , जो एक निजी एटीएम सेवा चलाते थे, खुद ही इस फर्जी लूट के मास्टरमाइंड निकले।
पूछताछ में सैनी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि करीब ₹10 लाख के कर्ज से बचने के लिए उन्होंने यह नाटक रचा।
कथित लूटी गई पूरी रकम सैनी की अपनी गाड़ी से बरामद की गई।
एसपी (ग्रामीण) मयंक पाठक और SOG की टीम ने जाँच में यह साजिश उजागर की।
सैनी के विरुद्ध फर्जी शिकायत और कानून-प्रवर्तन एजेंसियों को गुमराह करने के आरोप में कार्रवाई जारी।

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में पुलिस ने 17 अक्टूबर 2026 को ₹10 लाख की लूट की एक फर्जी घटना का पर्दाफाश किया। जाँच में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया — जिस व्यक्ति ने लूट की शिकायत दर्ज कराई थी, वही इस पूरे नाटक का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस ने कथित तौर पर लूटी गई ₹10.10 लाख की पूरी रकम शिकायतकर्ता की अपनी गाड़ी से ही बरामद कर ली।

घटनाक्रम: कैसे रची गई झूठी साजिश

यह मामला शनिवार सुबह करीब 11:20 बजे बेहट थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांडेवाड-रायपुर रोड पर एक देसी शराब की दुकान के पास का है। शिकायतकर्ता दीपक सैनी ने इमरजेंसी हेल्पलाइन 112 पर सूचना दी कि चार हथियारबंद अज्ञात व्यक्तियों ने उनकी कार रोककर पथराव किया, बंदूक की नोक पर उनके साथ मारपीट की और ₹10.10 लाख लूटकर फरार हो गए।

सूचना मिलते ही बेहट थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुँची। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मयंक पाठक और स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) के अधिकारियों ने भी त्वरित कार्रवाई करते हुए जाँच शुरू की।

जाँच में सामने आई गड़बड़ियाँ

एसपी (ग्रामीण) मयंक पाठक के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ के दौरान ही शिकायत में कई विसंगतियाँ नज़र आईं, जिससे पुलिस को संदेह हुआ। जाँच को और गहरा करने पर पता चला कि दीपक सैनी एक निजी एटीएम सेवा चलाते थे और उनकी अपनी गाड़ी में ही वह पूरी रकम सुरक्षित रखी हुई थी जिसे वे लूटा हुआ बता रहे थे।

पूछताछ के दौरान सैनी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उन पर करीब ₹10 लाख का कर्ज था। इस कर्ज से बचने के लिए उन्होंने झूठी लूट की कहानी गढ़ी और पुलिस को फर्जी इमरजेंसी कॉल कर प्रशासन को गुमराह करने की कोशिश की।

पुलिस की कार्रवाई

गाड़ी से पूरी नकदी बरामद होने के बाद पुलिस ने दीपक सैनी के विरुद्ध फर्जी शिकायत दर्ज कराने और कानून-प्रवर्तन एजेंसियों को गुमराह करने के आरोप में कार्रवाई की है। गौरतलब है कि झूठी पुलिस शिकायत दर्ज कराना भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत दंडनीय अपराध है।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश पुलिस द्रुत प्रतिक्रिया और तकनीक-आधारित जाँच तंत्र को मजबूत करने पर जोर दे रही है। इस मामले ने यह भी रेखांकित किया कि फर्जी आपातकालीन कॉल किस तरह सीमित पुलिस संसाधनों को बेवजह उलझाती हैं।

आम जनता पर असर

फर्जी इमरजेंसी कॉल्स से न केवल वास्तविक पीड़ितों को समय पर मदद मिलने में बाधा आती है, बल्कि पुलिस बल और संसाधनों की भी बर्बादी होती है। बेहट क्षेत्र जैसे ग्रामीण इलाकों में, जहाँ पुलिस की उपलब्धता सीमित होती है, ऐसी घटनाएँ विशेष रूप से नुकसानदेह हो सकती हैं।

आगे क्या

पुलिस के अनुसार, दीपक सैनी के विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। मामले में अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जाँच की जा रही है। बरामद ₹10.10 लाख को पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ पुलिस बल पहले से सीमित है, एक फर्जी कॉल वास्तविक संकट में फँसे व्यक्ति की मदद में देरी करा सकती है। सहारनपुर पुलिस की त्वरित और तेज़-नज़र जाँच तारीफ के लायक है, लेकिन यह सवाल भी उठता है कि ऐसे मामलों में झूठी शिकायत के लिए सज़ा कितनी कारगर और निरोधक है। जब तक फर्जी FIR पर त्वरित और कड़ी कार्रवाई न हो, ऐसे प्रयोग दोहराए जाते रहेंगे।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सहारनपुर में ₹10 लाख की फर्जी लूट का मामला क्या है?
17 अक्टूबर 2026 को सहारनपुर के बेहट थाना क्षेत्र में दीपक सैनी नामक व्यक्ति ने ₹10.10 लाख की लूट की झूठी शिकायत दर्ज कराई। जाँच में पूरी रकम उन्हीं की गाड़ी से बरामद हुई और वे खुद ही इस फर्जी साजिश के मास्टरमाइंड निकले।
दीपक सैनी ने फर्जी लूट की साजिश क्यों रची?
पुलिस पूछताछ में दीपक सैनी ने कथित तौर पर कबूल किया कि उन पर करीब ₹10 लाख का कर्ज था। इस कर्ज से बचने के लिए उन्होंने झूठी लूट की कहानी गढ़ी और इमरजेंसी हेल्पलाइन 112 पर फर्जी कॉल कर पुलिस को गुमराह किया।
पुलिस ने इस फर्जी लूट का भंडाफोड़ कैसे किया?
एसपी (ग्रामीण) मयंक पाठक और SOG की टीम ने प्रारंभिक पूछताछ में ही शिकायत में कई विसंगतियाँ पकड़ीं। गहन जाँच में कथित लूट की पूरी रकम शिकायतकर्ता की अपनी गाड़ी से बरामद हो गई, जिससे पूरी साजिश उजागर हो गई।
दीपक सैनी के विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई है?
पुलिस ने दीपक सैनी के खिलाफ फर्जी शिकायत दर्ज कराने और कानून-प्रवर्तन एजेंसियों को गुमराह करने के आरोप में कार्रवाई की है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
यह घटना कहाँ और कब हुई?
यह घटना 17 अक्टूबर 2026 को शनिवार सुबह करीब 11:20 बजे सहारनपुर जिले के बेहट थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांडेवाड-रायपुर रोड पर एक देसी शराब की दुकान के पास की बताई गई है।
राष्ट्र प्रेस
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