क्या राज्यपाल ने सैनिक कल्याण निदेशालय की बैठक में आश्रितों की सहायता का कर्तव्य बताया?
सारांश
Key Takeaways
- राज्यपाल ने भूतपूर्व सैनिकों की सहायता को प्राथमिकता दी।
- १२ नए जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों का गठन किया जाएगा।
- सैनिकों की सुरक्षा और सेवा के प्रति सरकार का संकल्प।
पटना, ११ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान की अध्यक्षता में सैनिक कल्याण निदेशालय की राज्य प्रबंधन समिति की २३वीं बैठक बिहार लोक भवन, पटना में सम्पन्न हुई। बैठक में भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों तथा शहीद सैनिकों की विधवाओं एवं आश्रितों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर गहन चर्चा हुई और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
इस बैठक में १२ नए जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों के गठन सहित भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के कल्याण के लिए नए निर्णयों एवं किए जा रहे अन्य कार्यों की जानकारी दी गई।
राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों की सहायता करना हमारा विशेष कर्तव्य है और राज्य सरकार इसके लिए सचेष्ट है। उन्होंने बैठक में उपस्थित सैन्य अधिकारियों के सुझावों पर गंभीरता से विचार कर उन पर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक देश की सम्प्रभुता, सम्मान और उसकी सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी मुस्तैदी के साथ अपने कर्तव्य पर डटे रहते हैं। वे हमारे लिए बिना नींद की रातें गुजारते हैं, तब हम चैन की नींद सो पाते हैं।
बैठक में बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी, राज्यपाल के प्रधान सचिव रॉबर्ट एल चोंग्थू, बिहार एवं झारखंड सब-एरिया दानापुर कैंट के जीओसी मेजर जनरल विकास भारद्वाज, सैनिक कल्याण निदेशालय के निदेशक एवं सेना के वरीय अधिकारीगण तथा अन्य लोग उपस्थित थे।